हैदराबाद, एएनआइ। Hyderabad doctor murder case हैदराबाद में महिला डॉक्टर का दुष्‍कर्म और उसकी निर्मम हत्या के सभी चारो आरोपियों को तेलंगाना पुलिस ने शुक्रवार सुबह को एक मुठभेड़ में मार गिराया। पुलिस ने दोपहर बाद अपनी प्रेस कांफ्रेंस में उक्‍त एनकाउंटर की पूरी कहानी बताई। पुलिस ने कहा कि वह आरोपियों को लेकर घटनास्‍थल पर पीड़‍िता का फोन तलाशने गई थी। इसी दौरान उनमें से कुछ आरोपियों ने दो पुलिसकर्मियों पर हमला करके उनका हथियार छीन लिया। आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग की और फरार होने की कोशिश करने लगे। इसके बाद पुलिस की ओर की गई जवाबी कार्रवाई में सभी आरोपी मारे गए। 

तेलंगाना पुलिस ने जिस जगह पर आरोपियों का एनकाउंटर किया था वहीं साइबराबाद पुलिस कमिश्‍नर वीसी सज्जनार (Cyberabad CP VC Sajjanar) ने प्रेस कांफ्रेंस की। उन्‍होंने बताया कि पुलिस आरोपियों को लेकर घटनास्‍थल पर पीड़‍िता का फोन तलाशने और क्राइम सीन रिक्रिएट करने गई थी। पुलिस छानबीन कर ही रही थी कि दो आरोपियों ने दो पुलिसकर्मियों पर हमला करके उनकी पिस्‍टल छीन ली। इसके बाद एक ने पुलिस टीम पर फायर किया और अन्य पथराव करते हुए भागने लगे। पुलिस टीम ने आरोपियों को चेतावनी दी और उन्‍हें सरेंडर करने के लिए कहा लेकिन वे भागते रहे और हमला जारी रखा। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने भी उन पर फायरिंग की जिसमें सभी आरोपी मारे गए।  

वीसी सज्जनार ने यह भी बताया कि यह मुठभेड़ सुबह 05.45 से 06.15 बजे के बीच हुई। आरोपियों ने डंडों से भी पुलिसकर्मियों पर हमला किया। तीन आरोपियों की उम्र करीब 20 साल थी जबकि चौथा 26 साल का था। आरोपियों के कब्जे से छीने गए हथियार बरामद किए गए हैं। आरोपियों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए स्थानीय सरकारी अस्पताल भेजा गया है। एनकाउंटर के दौरान 10 पुलिसकर्मी घटनास्‍थल पर मौजूद थे। मुठभेड़ में एक एसआई और एक कॉन्स्टेबल घायल हुए हैं। इनमें से एक गंभीर रूप से जख्‍मी हुआ है। आरोपियों के शवों की डीएनए जांच भी कराई जा रही है। सज्‍जनार ने बताया कि मौका-ए-वारदात से साइंटिफ‍िक सबूत जुटाए गए हैं।  

सज्जनार ने मानवाधिकार आयोग या किसी अन्य संगठन के सवालों पर कहा कि पुलिस सभी सवालों का जवाब देने के लिए तैयार है। उन्‍होंने बताया कि पुलिस ने साइंटिफिक तरीके से मामले की जांच की जिसके बाद चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने पुख्‍ता सबूतों के आधार पर गिरफ्तारी की थी और इसी के तहत 10 दिन की न्यायिक हिरासत भी मिली थी। बीते चार और पांच दिसंबर को आरोपियों से पूछताछ की गई थी। इसके साथ ही उन्‍होंने पीड़‍िता के परिजनों की पहचान उजागर नहीं करने की अपील भी की। उन्‍होंने बताया कि मौका-ए-वारदात से पुलिस टीम ने पीड़‍िता के फोन को बरामद कर लिया है। 

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