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    भारतीय सेना का बदला-बदला अंदाज, जानिए भारत की ओर से किए किसी भी मिशन से कैसे अलग है 'ऑपरेशन सिंदूर'

    Operation Sindoor पहलगाम में हुए आतंकी हमले का भारत ने सूद समेत बदला लिया है। ऑपरेशन सिंदूर के अंतर्गत भारतीय सेनाओं ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नौ जगहों पर हमला किया। मंगलवार आधी रात भारतीय सेनाओं ने पीओके में घुस कर आतंकियों के ठिकानों को निशाना बनाया।

    By Digital Desk Edited By: Abhinav Tripathi Updated: Wed, 07 May 2025 01:54 PM (IST)
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    ऑपरेशन सिंदूर के अंतर्गत पाकिस्तान में कई आतंकी ठिकानों को नष्ट किया गया। (फोटो- रॉयटर्स)

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पहलगाम (Pahalgam Terror Attack) में हुए आतंकी हमले का भारतीय सेनाओं ने सूद समेत बदला ले लिया है। मंगलवार आधी रात भारतीय सेनाओं ने पीओके में घुस कर आतंकियों के ठिकानों को निशाना बनाया। हालांकि, ध्यान देने वाली बात है कि 2016 के उरी सर्जिकल स्ट्राइक, 2019 के बालाकोट एयरस्ट्राइक या अन्य पिछले भारतीय अभियानों को देखें तो उनके दायरे सीमित थे।

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    वहीं, ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) पहले हुए किसी भी ऑपरेशन से काफी अलग था। ऐसा इसलिए क्यों कि यह ऑपरेशन तकनीकी रूप से मजबूत, व्यापक था। भारतीय सेनाओं ने पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र में अंदर धावा बोला और आतंकियों के ठिकानों को नष्ट किया।

    बालाकोट के बाद सबसे बड़ा ऑपरेशन

    ऑपरेशन सिंदूर न केवल बालाकोट ऑपरेशन के बाद भारत द्वारा किया गया सबसे बड़ा सीमापार हमला रहा। माना जा रहा है कि भारत ने इस ऑपरेशेन को अंजाम देकर आतंकवादी नेटवर्कों और उनके संचालकों को एक कड़ा संदेश दिया है।

    भारतीय सेनाओं ने 9 आतंकी ठिकानों को किया नष्ट

    ऑपरेशन सिंदूर के अंतर्गत भारतीय सेनाओं ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नौ जगहों पर हमला किया। इनमें मुजफ्फराबाद, कोटली, बहावलपुर, रावलकोट, चकसवारी, भीमबर, नीलम घाटी, झेलम और चकवाल शामिल थे। बताया जा रहा है कि कुल 24 मिसाइल हमले हुए जिससे यह भारत द्वारा अब तक किया गया सबसे व्यापक एक दिवसीय सटीक ऑपरेशन बन गया।

    बता दें कि 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाया था। इस हमले में 26 लोगों की जान गई थी। इस घटना के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई बड़े एक्शन लिए थे। पहलगाम हमले लेकर खुफिया एजेंसियों ने हमलावरों को लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जोड़ा था। ये पाकिस्तान में स्थित ये आतंकवादी संगठन है।

    हमले में कितने आतंकी ढेर?

    अभी तक की जानकारी के अनुसार, इस हमले में 25 से अधिक आतंकियों के मारे जाने खबर है। वहीं, बड़ी संख्या में आतंकी घायल हुए हैं। जानकारी के अनुसार, आपरेशन सिंदूर को अंजाम देने से पहले उन स्थानों पर निगरानी रखी जा रही थी, जहां आतंकियों के ठिकाने हैं।

    इन हथियारों से दिया गया ऑपरेशन को अंजाम

    • भारत ने इस ऑपरेशन में अत्याधुनिक और लंबी दूरी के हमलावर हथियारों का इस्तेमाल किया। इनमें स्कैल्प (SCALP) क्रूज मिसाइल, हैमर प्रिसिज़न बम और लोइटरिंग म्यूनिशन शामिल थे। ऑपरेशन सिंदूर में वायु, नौसेना और भूमि आधारित परिसंपत्तियों की तीनों सेनाओं द्वारा तैनाती की गई थी। बताया जा रहा है कि इन सभी हथियारों को भारतीय वायुसेना के विमानों से भारतीय क्षेत्र के भीतर से संचालित किया गया।
    • SCALP (स्टॉर्म शैडो) मिसाइलों की रेंज 250 किलोमीटर से अधिक है। इनका इस्तेमाल अक्सर मजबूत बंकरों और कमांड पोस्ट सहित मजबूत लक्ष्यों को साधने के लिए किया जाता है।
    • HAMMER: जिसे हाईली एजाइल मॉड्यूलर म्यूनिशन एक्सटेंडेड रेंज भी कहते हैं। इन बमों का इस्तेमाल बहुमंजिला इमारतों के खिलाफ किया गया, जिनके बारे में माना जाता है कि उनमें प्रशिक्षण मॉड्यूल और ऑपरेशनल लीडरशिप होती है।

    भारत के पास सीमा पार के हमलो का जवाब देने का अधिकार

    मंगलवार आधी रात भारतीय सेनाओं द्वारा अंजाम दिए गए ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि भारत ने आज सुबह सीमा पार हमलों का जवाब देने, उनका प्रतिरोध करने व रोकने के अपने अधिकार का प्रयोग किया है। यह नपी-तुली, अनुपातिक व जिम्मेदारीपूर्ण है। यह आतंक की इंफ्रास्ट्रक्चर को समाप्त क रने र भारत में भेजे जाने वाले संभावित आतंकवादियों को अक्षम बनाने के लिए की गई है। हमारी खुफिया निगरानी ने यह संकेत दिया है कि भारत के विरुद्ध आगे भी हमले हो सकते हैं अतः इनको और उनसे निपटना बेहद आवश्यक समझा गया है

    इन नौ आतंकी ठिकानों को किया गया नष्ट

    1. मरकज सुभान अल्लाह, बहावलपुर - जैश

    2. मरकज तैयबा, मुरीदके - लश्कर

    3. सरजल, तेहरा कलां - जेईएम

    4. महमूना जोया, सियालकोट - एचएम

    5. मरकज अहले हदीस, बरनाला - लश्कर

    6. मरकज अब्बास, कोटली - जैश

    7. मस्कर राहील शाहिद, कोटली - एचएम

    8. शावई नाला कैंप, मुजफ्फराबाद - लश्कर

    9. सैयदना बिलाल कैंप, मुजफ्फराबाद - जेईएम (इनपुट एजेंसी के साथ)