नई दिल्ली। कांग्रेस नेता तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री मतंग सिंह की गिरफ्तारी रुकवाने की कोशिश करने वाले अधिकारी गृह सचिव [भारत सरकार] अनिल गोस्वामी को बर्खास्त कर दिया गया है। गृह सचिव अनिल गोस्वामी ने कथित रूप से स्वीकार कर लिया था कि उन्होंने ही सारधा चिटफंड घोटाले के संबंध में हाल ही में गिरफ्तार किए गए राजनेता की ओर से सीबीआइ को फोन किया था।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने पूरे मामले की जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दे दी थी, और यह कदम पीएमओ से की तरफ से लिया गया है। अनिल गोस्वामी दो साल के कार्यकाल के बाद जुलाई में सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं।

गौरतलब है कि पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री मतंग सिंह को कथित रूप से आपराधिक षडयंत्र रचने, धोखाधड़ी और रकम की गड़बड़ी करने के आरोपों में पिछले सप्ताह गिरफ्तार किया गया था। ये आरोप शारदा चिटफंड घोटाले से जुड़े हैं, जिसके तहत हज़ारों छोटे निवेशकों को उनकी बचत से हाथ धोना पड़ा था। मतंग सिंह का नाम शारदा के चेयरमैन सुदीप्ता सेन ने सीबीआई को लिखे एक खत में उजागर किया था।

वैसे, मोदी सरकार के साथ समस्याओं की जद में आने वाले अनिल गोस्वामी तीसरे बड़े अधिकारी हैं। पिछले सप्ताह सरकार ने विदेश सचिव के पद से सुजाता सिंह को हटाया था, जबकि उनकी सेवानिवृत्ति में सिर्फ सात महीने बचे थे। उनके स्थान पर अमेरिका में भारत के राजदूत रहे एस जयशंकर को नियुक्त किया गया। उससे पहले, शीर्ष मिसाइल वैज्ञानिक अविनाश चंद्र को भी डीआरडीओ प्रमुख के पद से हटाया गया था।

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Edited By: manoj yadav