विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 27, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

राजनाथ ने दिया रमन सिंह को झटका

By anand rajEdited By:
Published: Thu, 27 Nov 2014 09:31 AM (IST)Updated: Thu, 27 Nov 2014 09:44 AM (IST)

राजग सरकार बनने के बाद केंद्र से राहत की आस लगाए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह को केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ ...और पढ़ें

News Article Hero Image

नई दिल्ली (नीलू रंजन)। राजग सरकार बनने के बाद केंद्र से राहत की आस लगाए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह को केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ ने झटका दे दिया है। रमन सिंह ने नक्सली ऑपरेशन में लगे सीआरपीएफ के जवानों के खर्च माफ करने की मांग की थी लेकिन गृह मंत्रालय ने ऐसा करने से साफ इन्कार कर दिया। आरपीएफ की तैनाती के खर्च के रूप में छत्तीसगढ़ पर 2400 करोड़ रुपये से अधिक की देनदारी है।

गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार लंबे समय से सीआरपीएफ की तैनाती का खर्च माफ करने की गुहार लगा रही है। इसके लिए पी. चिदंबरम और सुशील कुमार शिंदे के गृहमंत्री रहने के समय राज्य सरकार की ओर से कई बार पत्र लिखा गया था। लेकिन संप्रग सरकार ने ऐसा करने से मना कर दिया था। केंद्र में राजग सरकार आने के बाद रमन सिंह की उम्मीदें फिर से जगी और उन्होंने पिछले महीने खर्चे को माफ करने का औपचारिक अनुरोध किया। गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने एक सवाल के जवाब में लोकसभा में कहा कि 19 नवंबर को छत्तीसगढ़ को बकाए के भुगतान में छूट देने से मना कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ सरकार का कहना है कि नक्सल समस्या से निपटने की जिम्मेदारी अकेले राज्य सरकार की नहीं है। इसमें केंद्र सरकार की भी उतनी ही जिम्मेदारी बनती है। नक्सल ऑपरेशन के लिए वर्ष 2007 से केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की बड़े पैमाने पर तैनाती हुई थी। इसके बाद छत्तीसगढ़ सरकार पर खर्चे का दबाव बढ़ गया और राज्य सरकार ने इसका भुगतान करने में असमर्थता जताई। ध्यान देने की बात है कि नक्सल प्रभावित नौ राज्यों में सीआरपीएफ की 90 बटालियन तैनात हैं। इनमें आधे से अधिक अकेले छत्तीसगढ़ में हैं।