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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 06, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'हम लगातार निगरानी रख रहे हैं', HMPV के बढ़ते मामलों पर क्या बोले स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा?

Published: Mon, 06 Jan 2025 08:22 PM (GMT+05:30)

HMPV virus भारत में भी सोमवार को एचएमपीवी वायरस के मामले सामने आने के बाद लोगों के बीच डर फैल ...और पढ़ें

जेपी नड्डा ने एचएमपीवी के बढ़ते मामलों के बीच स्थिति को लेकर बयान जारी किया है। (Photo- ANI)
जेपी नड्डा ने एचएमपीवी के बढ़ते मामलों के बीच स्थिति को लेकर बयान जारी किया है। (Photo- ANI)

HighLights

  1. सोमवार को बेंगलुरु, गुजरात और चेन्नई में सामने आए वायरस के मामले।
  2. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा- अलर्ट पर हैं।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत में सोमवार को ह्यूमन मेटान्यूमो वायरस (एचएमपीवी) के कई मामले मिले, जिससे लोगों के बीच हड़कंप मच गया। गौरतलब है कि कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि चीन में इस वायरस ने हाहाकार मचाया है और वहां अस्पताल इसके मरीजों से फुल हो गए हैं। हालांकि, भारत में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और आईसीएमआर ने स्पष्ट कर दिया है कि इस वायरस से घबराने की कोई जरूरत नहीं है।

सोमवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने इस मामले में बयान जारी कर कहा कि यह कोई नया वायरस नहीं है और पहले भी इसके मामले सामने आते रहे हैं। उन्होंने कहा, 'स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि HMPV कोई नया वायरस नहीं है। इसकी पहली बार पहचान 2001 में हुई थी और यह कई वर्षों से पूरी दुनिया में फैल रहा है।'

हवा से फैलता है वायरस: नड्डा

जेपी नड्डा ने कहा, 'HMPV सांस के माध्यम से हवा के माध्यम से फैलता है। यह सभी आयु वर्ग के लोगों को प्रभावित कर सकता है। यह वायरस सर्दियों और शुरुआती वसंत के महीनों में अधिक फैलता है। चीन में HMPV के मामलों की हालिया रिपोर्टों के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्रालय, ICMR और राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र चीन के साथ-साथ पड़ोसी देशों में स्थिति पर कड़ी नज़र रख रहे हैं।'

उन्होंने आगे बताया, 'WHO ने स्थिति का संज्ञान लिया है और जल्द ही अपनी रिपोर्ट हमारे साथ साझा करेगा। ICMR और एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम के पास उपलब्ध वायरस के लिए देश के आंकड़ों की भी समीक्षा की गई है और भारत में किसी भी सामान्य सांस संबधी वायरल मामलों में कोई उछाल नहीं देखा गया है। स्थिति की समीक्षा के लिए 4 जनवरी को स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक की अध्यक्षता में संयुक्त निगरानी समूह की बैठक हुई।'

'अलर्ट पर हैं'

उन्होंने कहा कि देश की स्वास्थ्य प्रणालियां और निगरानी नेटवर्क सतर्क हैं, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि देश किसी भी उभरती स्वास्थ्य चुनौतियों का तुरंत जवाब देने के लिए तैयार है। चिंता करने की कोई बात नहीं है। हम स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं।

चेन्नई में मिले दो मामले

इधर, बेंगलुरू और गुजरात के बाद चेन्नई में भी एचएमपी वायरस के दो नए मामले सामने आए हैं। समाचार एजेंसी पीटीआई ने राज्य के एक स्वास्थ्य अधिकारी के हवाले से बताया कि दो बच्चों में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) की पुष्टि हुई है और उनका इलाज चल रहा है।

शहर के दो अस्पतालों में सामने आए ये पहले मामले हैं। विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा है। इस बीच, राज्य स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने एचएमपीवी की जांच के लिए उठाए जाने वाले कदमों और इसके प्रसार को रोकने के लिए बरती जाने वाली सावधानियों पर चर्चा करने के लिए एक बैठक की।

सर्दियों में बढ़ जाता है खतरा

वहीं, स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने वायरस के संबंध में बताते हुए कहा कि सर्दियों के मौसम में न्यूमोनिया वायरस का संक्रमण बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है और बुजुर्गों और पांच साल से कम उम्र के बच्चों को अधिक प्रभावित करता है। उनके अनुसार पूरे देश में इस समय न्यूमोनिया वायरस के संक्रमण के कारण होने वाले सर्दी-जुकाम और सांस लेने में तकलीफ से संबंधित बीमारियों पर नजर रखी जा रही है, लेकिन अभी तक इसमें किसी तरह की तेज बढ़ोतरी के संकेत नहीं मिले हैं।

सामान्य तौर पर सर्दियों में सर्दी-जुकाम और सांस से संबंधित बीमारियों के मरीज आते रहे हैं, उतने ही अब भी आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे घबराने की जरूरत नहीं है। एचएमपीवीवी से संक्रमण होने की स्थिति में भी इसका पूरी तरह से इलाज संभव है।