नई दिल्ली (जेएनएन)। म्यांमार के रोहिंग्या हिंदुओं को दोतरफा मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। पलायन कर बांग्लादेश आने पर भी उनके साथ अत्याचार रुक नहीं रहा है। बांग्लादेश के शरणार्थी शिविर में बहुसंख्य मुस्लिम रोहिंग्या हिंदुओं को मार कर उनकी महिलाओं को इस्लाम स्वीकार करने और शादी के लिए मजबूर कर रहे हैं।

रोहिंग्या हिंदू महिलाओं ने आपबीती सुनाते हुए कहा कि उनके परिवार वालों को उनकी आंख के सामने मार दिया गया। उसके बाद आठ जवान और खूबसूरत महिलाओं को कैद कर लिया गया। इन्हीं में से दो रिचा धर और पूजा मल्लिक ने बताया कि उनके परिवार के पुरुष सदस्यों को मार दिया गया। उनके सिंदूर-बिंदी पोंछ दिए गए और चूडि़यां तोड़ दी गईं। उनसे मुस्लिम बनने और रोहिंग्या मुसलमान से शादी करने को कहा गया।

उन्होंने कहा कि समर्पण के अलावा उनके पास विकल्प नहीं था। उन्होंने कहा कि पहले हमें म्यांमार सेना ने शिकार बनाया और यहां भी अत्याचार हो रहा है। रिचा धर ने कहा कि उसके परिजनों ने उसे बचाया और हिंदू शरणार्थी शिविर में ले आए। इन दोनों के अलावा छह महिलाएं अभी भी बंधक हैं। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, करीब 480,000 रोहिंग्या म्यांमार के रखाइन से भाग कर बांग्लादेश आए। इनमें हिंदू भी शामिल हैं।

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Posted By: Kishor Joshi

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