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'हिंदी ने देश को भाषाई रूप से एकजुट किया', अमित शाह आज अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन होंगे शामिल

By Agency Edited By: Jeet Kumar
Published: Sun, 14 Sep 2025 07:06 AM (IST)

हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा कि हिंदी ने सार्वजनिक संचार और ...और पढ़ें

'हिंदी ने देश को भाषाई रूप से एकजुट किया', अमित शाह
'हिंदी ने देश को भाषाई रूप से एकजुट किया', अमित शाह

HighLights

  1. केंद्रीय गृह मंत्री ने दिल्ली में ज्ञान भारतम मिशन के आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त की
  2. गांधीनगर में आयोजित अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन में आज शामिल होंगे शाह

 आइएएनएस, नई दिल्ली। हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि हिंदी ने सार्वजनिक संचार और बहस को बढ़ावा देने में अभूतपूर्व भूमिका निभाकर देश को भाषाई रूप से एकजुट किया है।

उन्होंने एक संदेश में कहा कि हिंदी दिवस के अवसर पर रविवार को गांधीनगर में मैं पांचवें अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन में देश भर के विद्वानों, भाषाविदों, शोधकर्ताओं और उन सभी व्यक्तियों के साथ संवाद करूंगा, जिन्होंने राजभाषा हिंदी को व्यापक रूप से अपनाने में योगदान दिया है।

केंद्रीय गृह मंत्री ने दिल्ली में ज्ञान भारतम मिशन के आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त की

इससे पहले गृह मंत्री ने नई दिल्ली में आयोजित हो रहे ज्ञान भारतम मिशन के पहले अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन पर प्रसन्नता व्यक्त की। एक्स पर एक पोस्ट में गृह मंत्री ने कहा कि यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी सोच के साथ शुरू किया गया यह कार्यक्रम भारत के ज्ञान, विज्ञान, शोध को पांडुलिपियों, भोजपत्रों, ताम्रपत्रों, शिलालेखों और अभिलेखों से संग्रहित कर नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए नई दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि यह आयोजन विश्व की समृद्ध ज्ञान परम्पराओं से जुड़े विद्वानों, शोधकर्ताओं और युवाओं को एक साझा मंच प्रदान कर रहा है।

गृह मंत्री ने कहा कि ज्ञान भारतम मिशन 483 करोड़ रुपये की लागत से देशभर में एक करोड़ से अधिक पांडुलिपियों का सर्वेक्षण, दस्तावेजीकरण और विश्लेषण करके पूरी दुनिया को भारत की अकल्पनीय ज्ञान विरासत से फिर से जोड़ने जा रहा है।

पीएम मोदी ने मोदी ने ज्ञान भारतम पोर्टल का शुभारंभ किया

शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ज्ञान भारतम पोर्टल का शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण में तेजी लाना है और प्रौद्योगिकी के माध्यम से अतीत की खोज पर जोर दिया।