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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 01, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

इंडियन नेवी की बढ़ी ताकत, नौसेना को सौंपा गया 'स्टील्थ फ्रिगेट हिमगिरि'; जानें क्यों है खास

Published: Fri, 01 Aug 2025 10:52 AM (IST)

भारत ने अपनी नौसेना को हिमगिरि नाम का स्वदेशी मल्टी-रोल स्टील्थ फ्रिगेट सौंपा है जो दुश्मनों के लिए खतरे की ...और पढ़ें

इंडियन नेवी की बढ़ी ताकत (फोटो सोर्स- पीटीआई)
इंडियन नेवी की बढ़ी ताकत (फोटो सोर्स- पीटीआई)

HighLights

  1. ‘हिमगिरि’ पूरी तरह भारत में बना स्वदेशी स्टील्थ युद्धपोत है।
  2. इसमें ब्रह्मोस मिसाइल और बराक-8 जैसे उन्नत हथियार लगे हैं।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत ने एक और बड़ा कदम उठाते हुए अपनी समुद्री ताकत को और मजबूत किया है। गुरुवार को भारतीय नौसेना को 'हिमगिरि' नाम का नया स्वदेशी मल्टी-रोल स्टील्थ फ्रिगेट सौंपा गया है।

यह युद्धपोत पूरी तरह से भारत में बनाया गया है और आने वाले समय में दुश्मनों के लिए बड़ा सिरदर्द साबित हो सकता है। इससे पहले 'उदयगिरि' नामक एक और युद्धपोत नौसेना को सौंपा गया था।

कहां तैयार किया गया हिमगिरि?

हिमगिरि नाम का यह फ्रिगेट कोलकाता के गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) ने तैयार किया है। इसका वजह करीब 6670 टन है और इसकी लंबाई 149 मीटर है। यह प्रोजेक्ट 17A के तहत बनाए जा रहे सात स्टील्थ युद्धपोतों में से तीसरा है।

इससे पहले इसी प्रोजेक्ट के तहत मुंबई के मझगांव डॉक्स (MDL) द्वारा बनाया गया उदयगिरि को 1 जुलाई को नौसेना को सौंपा गया था। इन दोनों ही युद्धपोतों को अगस्त के अंत तक एक साथ नौसेना में शामिल किए जाने की योजना है।

क्या है प्रोजेक्ट-17A?

प्रोजेक्ट 17A के तहत कुल सात फ्रिगेट बनाए जा रहे हैं, चार मुंबई में और तीन कोलकाता में तैयार हो रहे हैं। इस पूरे प्रोजेक्ट की लागत करीब 45 हजार करोड़ है। इससे पहले जनवरी में INS नीलगिरि को इसी प्रोजेक्ट के तहत नौसेना में शामिल किया गया था। बाकी चार युद्धपोतोंको 2026 के अंत तक सौंपा जाएगा।

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