अरविंद पांडेय, नई दिल्ली। उच्च शिक्षा के नामांकन को बढ़ाने में केंद्र सरकार भले ही दिलचस्पी दिखा रही है, लेकिन बिहार, छत्तीसगढ़ और असम जैसे राज्यों की इसमें कोई रुचि नहीं है। तभी तो इन राज्यों में उच्च शिक्षा हासिल करने वालों की संख्या सबसे कम है। बिहार में तो उच्च शिक्षा हासिल करने वालों का सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) सिर्फ 14.5 फीसद ही है। यानी 18 से 23 साल की उम्र के प्रत्येक सात में सिर्फ एक युवा ही उच्च शिक्षा हासिल कर रहा है। वहीं असम का जीईआर 17.3 फीसद और छत्तीसगढ़ का जीईआर 18.5 फीसद है। यानी दोनों राज्यों में 18 से 23 साल की उम्र के प्रत्येक छह में से एक युवा ही उच्च शिक्षा हासिल कर रहा है।

यूपी, गुजरात व मध्य प्रदेश जैसे दर्जन भर राज्य जीईआर में राष्ट्रीय औसत से पीछे

उच्च शिक्षा के नामांकन को लेकर यह जानकारी अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण 2019-20 की रिपोर्ट से सामने आई है। इसमें सभी राज्यों की उच्च शिक्षा के योग्य 18 से 23 वर्ष की उम्र की कुल आबादी और उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई कर रहे छात्रों की संख्या के आधार पर सकल नामांकन अनुपात तैयार किया है। इस रिपोर्ट में जीईआर का राष्ट्रीय औसत 27.1 फीसद है। हालांकि इनमें बंगाल, यूपी, गुजरात व मध्य प्रदेश जैसे करीब दर्जन भर ऐसे राज्य भी हैं, जिनका जीईआर देश के राष्ट्रीय औसत से भी काफी कम है।

सरकार लगातार उच्च शिक्षा का जीईआर बढ़ाने में जुटी

रिपोर्ट के मुताबिक उच्च शिक्षा में बंगाल का जीईआर 19.9 फीसद, यूपी का जीईआर 25.3 फीसद, गुजरात का 21.30 फीसद, मध्य प्रदेश का 24.2 फीसद, झारखंड का 20.9 फीसद, त्रिपुरा का 20.2 फीसद, राजस्थान का 24.1 फीसद और नगालैंड का 18.5 फीसद है। यह स्थिति तब है कि जब सरकार लगातार उच्च शिक्षा का जीईआर बढ़ाने में जुटी है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत वर्ष 2035 तक उच्च शिक्षा का राष्ट्रीय औसत जीईआर 50 फीसद करने का लक्ष्य रखा गया है।

कई राज्य और संघ शासित प्रदेश काफी अच्छा प्रदर्शन

सर्वेक्षण रिपोर्ट के मुताबिक उच्च शिक्षा में देश के कई राज्य और संघ शासित प्रदेश काफी अच्छा प्रदर्शन भी कर रहे हैं। इनमें सिक्किम एक ऐसा राज्य है, जिसका सकल नामांकन अनुपात 75.8 फीसद है। यानी प्रत्येक चार बच्चे में से तीन बच्चे उच्च शिक्षा की पढ़ाई कर रहे हैं। सिर्फ एक बच्चा ही उससे वंचित है। वहीं रिपोर्ट में चंडीगढ़ का जीईआर 52.1 फीसद और तमिलनाडु का जीईआर 51.4 फीसद है।

पिछले पांच वर्षो में देश में करीब तीन सौ नए विश्वविद्यालय स्थापित

गौरतलब है कि उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें लगातार दूर-दराज वाले क्षेत्रों में नए उच्च शिक्षण संस्थानों को स्थापित कर रही हैं। इसका अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि पिछले पांच वर्षो में देश में करीब तीन सौ नए विश्वविद्यालय और करीब चार हजार नए कालेज स्थापित किए गए हैं। मौजूदा समय में देश में विश्वविद्यालयों की संख्या कुल 1,043 और कालेजों की संख्या करीब 42 हजार है।

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