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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 24, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

H9N2 Update: चीन में तेजी से फैल रही रहस्यमयी बीमारी को लेकर देश में अलर्ट, स्वास्थ्य मंत्रालय ने कही यह अहम बात

By AgencyEdited By: Anurag Gupta
Published: Fri, 24 Nov 2023 03:34 PM (IST)Updated: Fri, 24 Nov 2023 03:55 PM (IST)

ड्रैगन सहित पूरा विश्व अभी कोरोना महामारी से पूरी तरह उभरा भी नहीं था कि चीन में एक अलग तरह ...और पढ़ें

चीन में तेजी से फैल रही रहस्यमयी बीमारी (फोटो: एएफपी)
चीन में तेजी से फैल रही रहस्यमयी बीमारी (फोटो: एएफपी)

HighLights

  1. चीन में बच्चों में फैली बीमारी को लेकर WHO ने जारी किया बयान
  2. चीन में श्वसन संबंधी बीमारियों की घटनाओं में बढोतरी

एजेंसी, नई दिल्ली। ड्रैगन सहित पूरा विश्व अभी कोरोना महामारी से पूरी तरह उभरा भी नहीं था कि चीन में एक अलग तरह की बीमारी के मामले सामने आए हैं। यह बीमारी बच्चों को अपनी चपेट में ले रही है। इसके मामले उत्तरी चीन में देखे गए। हालांकि, भारत सरकार चीनी बच्चों में फैल रहे H9N2 के मामलों के प्रकोप पर बारीकी से अपनी नजर रख रहा है।

आपात स्थिति के लिए भारत तैयार

स्वास्थ्य मंत्रालय चीन में बच्चों में फैल रहे एच9एन2 के प्रकोप और श्वसन संबंधी बीमारियों के समूहों पर अपनी करीबी नजर बनाए हुआ है। बकौल स्वास्थ्य मंत्रालय, चीन में रिपोर्ट किए गए एवियन इन्फ्लूएंजा मामले के साथ-साथ श्वसन संबंधी बीमारी के समूहों से भारत को जोखिम कम है।

बता दें कि भारत चीन में इन्फ्लूएंजा की मौजूदा स्थिति से उत्पन्न होने वाली किसी भी प्रकार की आपात स्थिति के लिए तैयार है।

यह भी पढ़ें: सांस की बीमारी से क्यों जूझ रहा चीन? डेटा मिलने के बाद WHO ने साझा की जानकारी; देशभर में चेतावनी जारी

स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में उत्तरी चीन में बच्चों में सांस की बीमारी के मामले बढ़ने का संकेत दिया गया है, जिसको लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी बयान जारी किया है।

सांस संबंधी बीमारियों में वृद्धि

मौजूदा जानकारियों के मुताबिक, पिछले कुछ हफ्तों में चीन में सांस संबंधी बीमारियों की घटनाओं में वृद्धि दर्ज की गई है।

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मंत्रालय के मुताबिक, बच्चों में सांस की बीमारी के सामान्य कारणों को शामिल किया गया है और किसी भी असामान्य रोगजनक की कोई पहचान नहीं हुई।