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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 17, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पटेलों के बंद का मामूली असर, सूरत में युवक ने की खुदकुशी

By Monika minalEdited By:
Published: Sun, 17 Apr 2016 02:03 PM (IST)Updated: Mon, 18 Apr 2016 11:46 PM (IST)

गुजरात में पटेल समुदाय के बुलाए राज्यव्यापी बंद का मामूली असर दिखा। राज्य के विभिन्न शहरों में पटेल समुदाय बहुल ...और पढ़ें

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अहमदाबाद, ब्यूरो/प्रेट्र। गुजरात में पटेल समुदाय के बुलाए राज्यव्यापी बंद का मामूली असर दिखा। राज्य के विभिन्न शहरों में पटेल समुदाय बहुल इलाकों में में ही इस बंद का मिला-जुला असर देखा गया। मेहसाणा से कफ्र्यू हटा लिया गया। यहां केवल उन्हीं इलाकों में प्रतिष्ठान बंद किए गए जहां पटेल समुदाय का दबदबा है। वहीं, सूरत में पटेल समुदाय के एक 27 वर्षीय युवा ने आरक्षण के समर्थन में जहर खाकर आत्महत्या कर ली।

पाटीदार नेता हार्दिक पटेल समेत अन्य छह आरक्षण समर्थक नेताओं की रिहाई के लिए राज्य सरकार के सात मंत्रियों के समूह और पाटीदार नेताओं के बीच सोमवार की शाम को गांधीनगर में एक अहम बैठक हुई। इसमें मंत्री नितिन पटेल और भूपेंद्र सिंह चुआस्मा, सौरभ पटेल, शंकर भाई चौधरी ने पार्टीदारों के सामने सरकार की ओर से दो शर्तें रखीं। इसमें पहली यह थी कि कोई नया आंदोलन नहीं करेंगे और दूसरे कोई नई मांग नहीं रखी जाएगी। वहीं, पाटीदार नेताओं और सरकार के मध्यस्थ जयराम पटेल ने मांग की कि हार्दिक पटेल और छह अन्य नेताओं को जल्द रिहा किया जाए और आरक्षण के मुद्दे पर सरकार इन्हीं नेताओं से बात करे।

वहीं, मेहसाणा में पाटीदार आंदोलन समिति के आरक्षण समर्थक नेताओं ने दावा किया है कि आरक्षण के समर्थन में खुदकुशी करने वाला भविन खुंट (27) उनकी समिति से जुड़ा था। समिति के संयोजक निखिल सवानी ने बताया कि भविन खुंट ने विगत शाम पूना गांव स्थित अपने निवास में जहर खाकर जान दी है। हालांकि पुलिस का कहना है कि युवक की खुदकुशी के कारणों की अभी जांच होनी है। खुंट बरसों से सूरत में रह रहा था और वह टेक्सटाइल मार्केटिंग के क्षेत्र में काम करता था।

इससे पूर्व, आरक्षण की मांग और पाटीदार नेता हार्दिक पटेल की रिहाई को लेकर पाटीदार समाज के लोगों ने सोमवार को गुजरात बंद का आह्वïन किया था। इसे लेकर राज्य के प्रमुख शहरों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है। दो पुलिस थाना इलाकों वराछा और कापोदरा में धारा 144 लागू रही। अहमदाबाद, सूरत, मेहसाणा और राजकोट में मोबाइल और इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई। सोमवार रात 12 बजे तक के लिए ये सेवाएं बंद रहीं। स्कूल और कालेज खुले रहे।

मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल के गृह जिला मेहसाणा में कलेक्टर लोचन सेहरा ने बताया कि विगत दिवस के उपद्रव में सरदार पटेल ग्रुप के नेता लाल जी पटेल और पांच हजार लोगों के खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई है। रविवार को यहां करीब 5000 प्रदर्शनकारियों की पुलिस से हिंसक झड़प हुई थी।

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