नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। गुजरात के मोरबी जिले में बीते दिनों पुल टूटने से 135 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे के चलते कई परिवार तक खत्म हो गए। हादसे के बाद कई दिनों तक खोज एवं बचाव अभियान चलाया गया था जिसे आखिरकार 5 दिनों के बाद समाप्त कर दिया गया। पीएम मोदी ने भी इस हादसे के बाद जिले का दौरा कर घायलों से भेंट की थी। हादसे के बाद से कई विपक्षी पार्टियों ने गुजरात सरकार को घेरने की भी कोशिश की। हादसे के बाद से अब तक कई खुलासे भी हुए हैं, आइए जानें इस घटना में अब तक क्या-क्या हुआ है।

30 अक्टूबर- हादसे का दिन

31 अक्टूबर

  • हादसे के बाद अमेरिका राष्ट्रपति जो बाइडन, अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और कई वैश्विक नेताओं ने भी इस हादसे पर दुख जताया।
  • पुल टूटने के अगले दिन 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया जिसमें पुल की मरम्मत का ठेका पाने वाली कंपनी ओरेवा के दो मैनेजर, दो टिकट क्लर्क के साथ दो ठेकेदार और तीन सुरक्षा गार्ड शामिल थे। 
  • कोर्ट में पेशी के बाद इनमें से 4 आरोपियों को 5 नवंबर तक पुलिस कस्टडी में भेजा गया है। तो वहीं 5 को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
  • कोर्ट में पेश किए गए ओरेवा कंपनी के मैनेजर ने इस हादसे पर बयान देते हुए इसे 'एक्ट ऑफ गॉड' बताया था। इसके बाद मोरबी और राजकोट बार एसोसिएशन ने आरोपियों का केस तक लड़ने से मना कर दिया था।

1 नवंबर

  • इस हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोरबी एसपी कार्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हाइलेवल मीटिंग की। पीएम ने बैठक में किसी भी नेता व अधिकारी को जांच में हस्तक्षेप न करने का निर्देश दिया गया। इसी बैठक में हादसे के चलते गुजरात में 2 नवंबर को राजकीय शोक रखने का फैसला किया गया।
  • पीएम ने इसके एक दिन बाद मोरबी हादसे के घटनास्थल का दौरा किया। पीएम ने इसके बाद अस्पताल जाकर पीड़ितों से मुलाकात भी की और उन्हें हर संभव मदद देने का आश्वासन भी दिया।
  • सुप्रीम कोर्ट में मोरबी हादसे को लेकर एक जनहित याचिका भी दाखिल की गई है। कोर्ट से ब्रिज टूटने के मामले की जांच शुरू करने के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश की देखरेख में एक न्यायिक आयोग के गठन की मांग की गई है। कोर्ट इसपर 14 नवंबर को सुनवाई करेगा।

2 नवंबर

  • इस बीच हादसे के बाद जांच दल गठित कर दिया गया था। वहीं, हादसे के बाद आई FSL की रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि पुल की केबल जंग खा चुकी थी और मरम्मत में पुल का बस फर्श बदला गया था। रिपोर्ट में नगरपालिका द्वारा कंपनी को ठेके देने पर भी सवाल उठाए गए हैं।

3 नवंबर

  • मोरबी हादसे के बाद विपक्ष ने भाजपा सरकार पर कई हमले किए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने हादसे की जांच को लेकर कई सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि गुजरात सरकार को लापरवाही भरी जांच की प्रक्रिया पर खुद को पाक-साफ साबित करना होगा। 

4 नवंबर

  • हादसे के पांच दिनों बाद बचाव अभियान को समाप्त कर दिया गया है। तो वहीं मोरबी नगरपालिका के मुख्य अधिकारी संदीपसिंह जाला को निलंबित कर दिया गया। 

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Edited By: Mahen Khanna

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