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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 18, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पीएम मोदी ने अधिकारियों संग की नई और पुरानी योजनाओं की समीक्षा

By Kamal VermaEdited By:
Published: Mon, 18 Jan 2016 08:27 AM (IST)Updated: Mon, 18 Jan 2016 08:39 AM (IST)

स्टार्ट अप इंडिया अभियान को हरी झंडी दिखाने के दूसरे ही दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने महत्वाकांक्षी योजनाओं ‘स्वछ ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। नई घोषणाओं के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पुराने अभियानों को कसौटी पर परख रहे हैं। स्टार्ट अप इंडिया अभियान को हरी झंडी दिखाने के दूसरे ही दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने महत्वाकांक्षी योजनाओं ‘स्वछ भारत’ और ‘शिक्षित भारत’ पर सचिवों के समूह के साथ चर्चा और समीक्षा की। गृह मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के साथ नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पानागढ़िया भी इस बैठक में मौजूद रहे।

बैठक में स्वछ भारत व शिक्षित भारत पर बड़ा प्रस्तुतीकरण हुआ। बैठक में सचिवों ने इन योजनाओं की प्रगति के साथ-साथ अपने विचार और सुझाव भी प्रधानमंत्री के समक्ष पेश किए। प्रस्तुतीकरण के बाद वहां मौजूद कई लोगों ने सामने आकर इन विभिन्न विषयों पर अपने विचार और सुझाव पेश किए। प्रधानमंत्री ने सभी को गौर से सुना और अपने विचार भी रखे। गत शुक्रवार को भी दो समूहों ने आगामी बजट के प्रभावी कार्यान्वयन, स्वछ भारत और गंगा की साफ-सफाई पर अपने विचार व्यक्त किए थे। इसके अलावा 12 जनवरी को ऊर्जा संरक्षण और इसकी कार्यक्षमता पर सचिव समूह अपनी राय पहले ही दे चुका है।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने शीर्ष नौकरशाहों से सामने आकर शासन के विभिन्न क्षेत्रों में परिवर्तनकारी बदलाव से संबंधित अपने विचार और सुझाव सरकार के साथ साझा करने का आह्वान किया था। प्रधानमंत्री महत्वपूर्ण योजनाओं को और अधिक प्रभावी और गतिशील बनाने के लिए हर स्तर पर समीक्षा और बैठकें कर रहे हैं। देश के आर्थिक विकास को और अधिक गति देने और हर जरूरतमंद को इन जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ देना सरकार की प्राथमिकता है।

इसी के तहत प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में कृषि, शिक्षा-स्वास्थ्य, स्वछ भारत, शिक्षित भारत और गंगा संरक्षण और ऊर्जा आदि महत्वपूर्ण सेक्टरों पर ध्यान केंद्रित करने के उद्देश्य से सचिवों के आठ समूह गठित किए थे। जिसके के तहत अभी तक सचिवों के चार समूहों ने प्रधानमंत्री मोदी से अपने विचार और सुझाव साझा किया है।सचिवों के समूह के साथ प्रधानमंत्री ने की बैठक में गृहमंत्री, रक्षा मंत्री और नीति आयोग के उपाध्यक्ष भी मौजूद थे।

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