नई दिल्‍ली [जागरण स्‍पेशल]। कद को मापने का पैमाना क्‍या है... इंच टेप... और काबिलियत को...। सुंदरता के पैमाने पर भले ही कुछ फीसद अंक कद के खाते में जाते हों पर आपकी काबिलियत, समझदारी और बौद्धिकता का इससे दूर-दूर तक कोई नाता नहीं। दूसरे शब्‍दों में छोटे होने का मतलब ये नहीं है कि आप अपने काम में भी छोटे हैं। भारतीय प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का जिक्र करें या फिर पॉकेट हरक्‍यूलस के नाम से पहचान पाने वाले मनोहर का सभी  इसकी जीती जागती मिसाल हैं। 

कद से नहीं मापी जाती है काबिलियत

लोगों के रंग व लंबाई अलग-अलग क्षेत्रों की जलवायु पर निर्भर करता है। ऐसा किसी रिसर्च में नहीं पाया गया कि कम लंबाई वाले लोगों की क्षमता कम होती है या उनमें काबिलियत नहीं होती। उनके सोचने की ताकत लंबे लोगों से कम होती है या फिर लंबे लोगों के पास कुछ एक्‍सट्रा होता हो जो उनमें नहीं। इसका बेहतर उदाहरण है खजूर जो कि अन्‍य वृक्षों की तुलना में काफी ऊंचा होता है लेकिन वह छायादार नहीं... कहने का अर्थ वह लंबा कद किस काम का जो किसी को फायदा न पहुंचा सके।

इस बाबत कबीर का एक प्रसिद्ध दोहा तो आपने सुना ही होगा- ‘बड़ा हुआ तो क्‍या हुआ जैसे पेड़ खजूर, पंथी को छाया नहीं फल लागे अति दूर।'

लाल बहादुर शास्‍त्री
लाल बहादुर शास्‍त्री का नाम भला कौन नहीं जानता है। नाटे कद के लाल के बारे में कहा जाता है कि वो कहते थे दुनिया का हर बड़ा नेता उनसे सिर झुका कर बात करता है। उनके कार्यकाल में भारत ने पाकिस्‍तान को जंग में करारी मात दी थी। इतना ही नहीं उनके कहने पर देश के लोगों ने एक वक्‍त भोजन तक त्‍याग दिया था। वो कद में भले ही छोटे थे लेकिन उनका व्‍यक्तित्‍व काफी ऊंचा था। 

मात्र दो फीट की ज्‍योति आमगे के नाम रिकार्ड
दुनिया के सबसे कम कद वाले लोगों में एक ज्‍योति आमगे हैं। उनकी लंबाई मात्र दो फीट है। वर्ष 2011 में 20 साल की उम्र में उन्‍होंने यह रिकार्ड कायम किया।

कद में कम सचिन तेंदुलकर का व्‍यक्‍तित्‍व है कद्दावर
सचिन तेंदुलकर को अर्जुन अवार्ड (1994), राजीव गांधी खेल रत्‍न अवार्ड (1997), पद्म श्री (1999) और पद्म विभूषण (2008) के अलावा 2014 में भारत रत्‍न दिया जा चुका है। उनका कद मात्र 5 फीट 5 इंच है। अपने कार्यों से उनका कद इतना अधिक है कि वहां तक पहुंचना आसान किसी के लिए आसान नहीं। कई रिकार्ड अपने नाम दर्ज कराने वाले सचिन अपनी असंख्‍य उपलब्‍धियों के कारण कद में काफी ऊंचे हैं। इंटरनेशनल क्रिकेट में एक सौ शतक जड़ने वाले महान क्रिकेटर के नामों में सचिन तेंदुलकर का नाम भी है।

5 फीट 4 इंच के थे हमारे राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी 
देश को आजादी दिलाने में महात्‍मा गांधी की कद या लंबाई की भूमिका नहीं थी। बल्‍कि उनके कर्मों और जज्‍बे के कारण आज हम आजाद देश के नागरिक हैं। पूरी दुनिया में उन्‍हें शांति का दूत माना जाता है और उन्‍होंने बगैर किसी हिंसा के देश को आजादी दिलाई।

पॉकेट हरक्‍यूलस के नाम से मशहूर थे 4 फीट 10 इंच के मनोहर 
कद ही अगर हर चीज का पैमाना हो जाता तो मात्र 4 फीट 10 इंच के मनोहर कभी मिस्‍टर यूनिवर्स न होते। 1952 में पहली बार किसी भारतीय ने मिस्‍टर यूनिवर्स का खिताब जीता और वो थे मनोहर ऐक। ‘पॉकेट हरक्‍यूलिस’ के नाम से पॉपुलर मनोहर का निधन 104 साल की उम्र में हो गया। बॉडी बिल्‍डर रहे मनोहर ने अपने करियर की शुरुआत जादूगर के साथ की थी। दांतों से स्‍टील को मोड़ देना, तलवार पर पेट के बल लेट जाना आदि उनके बाएं हाथ का खेल था। 1942 में वे ब्रिटिश इंडिया में एयर फोर्स में फिजिकल इंस्‍ट्रक्‍टर थे। इसी दौरान ब्रिटिश ऑफिसर से उनकी बहस हो गई और उन्‍होंने अधिकारी के चेहरे पर एक तमाचा जड़ दिया था जिसके लिए उन्‍हें कलकत्‍ता जेल में सजा भी भुगतना पड़ा।

आदित्‍य रोमियो देव... बॉडी बिल्‍डर, डांसर व एक्‍टर
मात्र दो फीट 9 इंच के आदित्‍य रोमियो देव को रोमियो के नाम से भी जाना जाता था। कम कद कभी उनकी काबिलियत में बाधक नहीं बनी। वे बॉडी बिल्डर, डांसर, एवं कलाकार थे। गिनीज बुक ऑफ व‌र्ल्ड रिकार्ड के अनुसार वे विश्व के पहले सबसे छोटे बॉडी बिल्डर थे। वर्ष 2006 में रोमियो का नाम दुनिया के सबसे छोटे बॉडी बिल्डर के रूप में लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। आदित्य की जिंदगी पर ब्रिटेन में फिल्म का भी निर्माण किया गया था।

छोटे कद काठी के नेपोलियन से खौफ खाते थे दुश्‍मन
नेपोलियन बोनापार्ट का कद मात्र 5 फीट 6 इंच था लेकिन वे महान फ्रांसीसी सम्राट व महान योद्धा थे। नेपोलियन को लंबे कद की चाहत थी और उनका मानना था कि कद के कारण विरोधियों को उनसे भय नहीं होगा। इसके लिए वे हील्‍स पहनते थे। कद-काठी में छोटे नेपोलियन ने अपनी बहादुरी से दुनिया के एक बड़े हिस्से पर अपना राज कायम किया। नेपोलियन के सैनिक उनसे मोहब्बत करते थे, वहीं उनके दुश्मन खौफ खाते थे।

5 फीट 5 इंच के ही थे चार्ली चैपलिन
ऑस्‍कर अवार्ड जीतने वाले चार्ली चैपलिन को यदि कद के हिसाब से देखा जाता तो वे कभी भी टाइम मैगजीन के कवर पर न आते। अपने सेट पर वे छोटी कद के लोगों में से थे। लेकिन मूक फिल्‍म को पॉपुलर बनाने का श्रेय कम कद वाले चार्ली चैपलिन को ही जाता है। इनके अलावा दिवंगत भाजपा नेता व पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज का कद मात्र 4 फीट 11 इंच था लेकिन उनके व्‍यक्‍तित्‍व पर नजर डालें तो पता चलेगा कि इन्‍होंने भारत में तो अपनी छाप छोड़ी ही विदेशों में भी इन्‍हें सब जाते हैं। पूर्व राष्‍ट्रपति प्रतिभा पाटिल, यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने भी मिसाल पेश की है।

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Posted By: Monika Minal