नई दिल्ली,(पीटीआई)। 1984 के सिख विरोधी दंगों की वजह से देश के विभिन्न हिस्सों से पंजाब पलायन कर गए 1,020 परिवारों को दो-दो लाख रुपये दिए जाएंगे। यह राशि केंद्र प्रायोजित पुनर्वास योजना के तहत दी जाएगी।

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने इस योजना को फिर शुरू करने की मंजूरी दे दी है। इन मामलों को योजना की मंजूरी से छह महीने तक की सीमित अवधि के लिए खोला जाएगा। यह पहल जस्टिस (रिटायर्ड) जीपी माथुर समिति की सिफारिश के आधार पर की गई है। इस समिति का गठन मोदी सरकार ने दिसंबर 2014 में '84 के सिख विरोधी दंगों से संबंधित विभिन्न शिकायतों के निवारण के लिए किया था।

सरकार ने प्रभावित परिवारों के सदस्यों के कौशल और कौशल विकास संबंधी समिति की सिफारिश को भी स्वीकार कर लिया है। इस संबंध में पंजाब सरकार से भी योजना बनाने का आग्रह किया गया है। समिति की सिफारिश के मुताबिक, सरकार पहले ही विशेष जांच दल का गठन कर चुकी है, ताकि दिल्ली और अन्य राज्यों में हुई तबाही से जुड़े सभी मामलों की फिर से जांच कराई जा सके।

जस्टिस नानावती आयोग ने पुलिस की ओर से बंद किए गए 241 मामलों में से सिर्फ चार को फिर खोलने की सिफारिश की थी, लेकिन भाजपा चाहती थी कि बाकी 237 मामलों की भी फिर से जांच की जाए। हालांकि यह साफ नहीं है कि माथुर समिति ने सिख विरोधी दंगों के कितने मामले फिर खोलने की सिफारिश की है। 241 मामलों में से सीबीआइ ने सिर्फ चार मामलों को फिर से खोलकर उनकी पुन: जांच की थी। इनमें से दो मामलों में सीबीआइ ने आरोप पत्र दाखिल किया था और एक मामले में पूर्व विधायक समेत पांच लोगों को दोषी पाया गया था।

पढ़ें- मामूली कहा-सुनी के बाद पाकिस्तान में उतार फेंकी सिख की पगड़ी

Edited By: Atul Gupta