नए नाम से जाने जाएंगे देश के पच्चीस शहर
शेक्सपीयर ने कहा था कि नाम में क्या रखा है। लेकिन इससे उलट गृह मंत्रालय के लिए नाम बदलने का मुद्दा भावनाओं से जुड़ा है। मंत्रालय ने पिछले एक दशक के दौरान देश भर के 25 से अधिक कस्बों के नाम बदलने के प्रस्ताव मंजूर कर लिए।
नई दिल्ली। शेक्सपीयर ने कहा था कि नाम में क्या रखा है। लेकिन इससे उलट गृह मंत्रालय के लिए नाम बदलने का मुद्दा भावनाओं से जुड़ा है। मंत्रालय ने पिछले एक दशक के दौरान देश भर के 25 से अधिक कस्बों के नाम बदलने के प्रस्ताव मंजूर कर लिए।
बदले जाने वाली जगहों में सबसे ज्यादा नाम केरल से है। यहां पर 17 जगहों के नाम बदले जाने हैं। वहीं पंजाब में चार, ओडिशा में दो, मध्यप्रदेश में दो जगहों के नाम बदले जाने हैं। वहीं केंद्र सरकार ने भोपाल का नाम बदले जाने से इंकार कर दिया।
पंजाब का साहिबजादा नगर अब अजीतगढ़, सूनम टाउन अब सुनम उधम सिंह वाला, नवांशहर को अब शहीद भगत सिंह नगर, मुक्तसर को श्री मुक्तसर साहिब के नाम से जाना जाएगा। ओडिशा का फुलबानी का नाम बदलकर बौध कौधामल और सोनापुर का नाम सुबर्नपुर किया जाना है।
केरल में त्रिचूर को त्रिसूर, क्विलोन को कोल्लम, अलेप्पी को अलपुझा, पालघाट को पालक्कड, कोन्नानोर को कन्नूर, तेलीचेरी को थालासेरी, बडागरे को वडाकरा, परूर को परावूर और अलवाए को अलूवा नाम दिया गया है।
केरल में जिन अन्य कस्बों के नाम बदले गए हैं, उनमें देवी कोलम को देवीकुलम, कोचीन को कोच्च्च, चांगनाचेरी को चंगनासेरी, चिरायिनकिल को चिरायिनकीझू, क्रानागनोर को कोडुनगल्लूर, मन्नारघाट को मन्नारकाड, मन्नानटोडी को मनानथवाडी और सुल्तान बाटरी को सुल्तान बाथरी नाम दिया गया है।
मध्य प्रदेश के दो कस्बों के नाम बदले गए हैं। गोतेगाव को श्रीधाम और मऊ कस्बे को अंबेडकर नगर नाम दिया गया है।
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