Karnataka: 'भगवान ने दिया मुझे तीसरा जन्म', कर्नाटक के पूर्व सीएम कुमारस्वामी ने क्यों कहा ऐसा?
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी (Former CM Kumaraswamy) ने कहा कि उन्हें तीसरा जन्म मिला है। डिस्चार्ज होने से पहले कुमारस्वामी ने लोगों से स्ट्रोक और पैरालिसिस के लक्षणों को हल्के में न लेने की अपील की। उल्लेखनीय है कि कुमारस्वामी को 30 अगस्त की सुबह शहर के एक प्रतिष्ठित अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें स्ट्रोक हुआ था जो बाद में पूरी तरह से ठीक हो गया।

बेंगलुरु, एजेंसी। स्ट्रोक से उबर चुके कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने रविवार को कहा कि यह उनका 'तीसरा जन्म' है। भगवान और डॉक्टरों की टीम का शुक्रिया करते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि उन्हें राज्य के लोगों के बीच रहने का नया जीवन मिला है। डिस्चार्ज होने से पहले कुमारस्वामी ने लोगों से स्ट्रोक और पैरालिसिस के लक्षणों को हल्के में न लेने की भी अपील की।
भगवान ने मुझे तीसरा जन्म दिया...
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा 'पिछले पांच दिनों से, मेरे कुछ दोस्त डरे हुए थे। अगर मैं आपसे बात कर रहा हूं, तो मुझे कहना होगा कि मुझे पुनर्जन्म मिला है। भगवान ने मुझे तीसरा जन्म दिया है। किसी व्यक्ति को एक जन्म मिलता है, लेकिन मेरे मामले में 64 वर्ष की आयु में, मुझे तीसरा जन्म मिला है।
30 अगस्त को अस्पताल में हुए थे भर्ती
उल्लेखनीय है कि कुमारस्वामी को 30 अगस्त की सुबह शहर के एक प्रतिष्ठित अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें स्ट्रोक हुआ था, जो बाद में पूरी तरह से ठीक हो गया।
उस समय को याद करते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि वह 30 अगस्त को लगभग 2 बजे उठे और उन्हें लगा कि उनका स्वास्थ्य अच्छी स्थिति में नहीं है। उन्होंने तुरंत अपने बहनोई और हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. सीएन मंजूनाथ को फोन किया और बाद में एक न्यूरोलॉजिस्ट से सलाह ली, जिसके बाद वह अस्पताल में भर्ती हुए।
कुमारस्वामी की लोगों से अपील
कुमारस्वामी ने राज्य के लोगों से अपील की कि जब भी उन्हें ऐसे लक्षण नजर आएं तो वे एक मिनट भी बर्बाद न करें। उन्होंने कहा, 'मुझे रात 2 बजे पैरालिसिस के लक्षण महसूस हुए। अगर इसे नजरअंदाज कर दिया होता और कहा होता कि मैं सुबह डॉक्टर के पास जाऊंगा, तो मैं अपना बाकी जीवन स्थायी रूप से बिस्तर पर बिता देता।'लोगों को सलाह देते हुए कुमारस्वामी ने कहा, 'यह कभी न सोचें कि डॉक्टर पैसा कमाने के लिए काम कर रहे हैं, क्योंकि जब मरीज आता है तो वे पूरी ईमानदारी से उसे बचाने का प्रयास करते हैं।
यह हैं स्ट्रोक के पांच लक्षण
- बांह में ताकत कम होना
- तुतलाना या हकलाना
- आंखों में दिक्कत
- चेहरे पर बदलाव दिखना
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।