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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 30, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बढ़ते प्रदूषण के बीच राहत की खबर, देश के वन एवं वृक्ष क्षेत्र में हुई वृद्धि

By Tilak RajEdited By:
Published: Mon, 30 Dec 2019 03:00 PM (IST)Updated: Mon, 30 Dec 2019 03:05 PM (IST)

हमारे देश में वृक्ष क्षेत्र में वृद्धि हुई है। देश का वन एवं वृक्ष क्षेत्र दो साल में 5188 वर्ग ...और पढ़ें

बढ़ते प्रदूषण के बीच राहत की खबर, देश के वन एवं वृक्ष क्षेत्र में हुई वृद्धि
बढ़ते प्रदूषण के बीच राहत की खबर, देश के वन एवं वृक्ष क्षेत्र में हुई वृद्धि

नई दिल्‍ली, एएनआइ। देश और दुनिया में बढ़ते प्रदूषण के स्‍तर के बीच भारत के लिए एक राहत की खबर है। हमारे देश में वृक्ष क्षेत्र में वृद्धि हुई है। देश का वन एवं वृक्ष क्षेत्र दो साल में 5188 वर्ग किलोमीटर यानि 0.65 फीसद बढ़कर 8,07,276 वर्ग किलोमीटर पर पहुंच गया है। पर्यावरण, वन एव जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने देश के वन क्षेत्र की स्थिति रिपोर्ट, 2019' जारी की। भारतीय वन सर्वेक्षण द्वारा तैयार इस द्विवार्षिक रिपोर्ट में बताया गया है कि दो साल में घोषित वन क्षेत्र में जंगल 330 वर्ग किलोमीटर घट गए। वहीं इनके बाहर 4306 वर्ग किलोमीटर बढ़े हैं।

पूर्वोत्तर में 765 वर्ग किमी के जंगल घटे

भारतीय वन सर्वेक्षण द्वारा तैयार की गई इस रिपोर्ट को शुभ संकेत बताते हुए प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि भारत आज 'पेरिस समझौते' के लक्ष्यों की ओर बढ़ रहा है। साथ ही उन्होंने चिंता भी जताई कि पूर्वोत्तर में 765 वर्ग किमी के जंगल घटे हैं। असम और त्रिपुरा के अलावा यहां के सभी राज्यों में वनक्षेत्र कम हुआ है।

1987 से अब तक 16 बार जारी हुई यह रिपोर्ट 

गौरतलब है कि हर दो साल में सर्वे के जरिए वन संसाधनों का आकलन किया जाता है। 1987 से अब तक 16 बार यह रिपोर्ट जारी हुई है। सर्वे में एक हैक्टेयर से बड़े ऐसे सभी क्षेत्रों को जंगल के रूप में दर्ज किया गया, जहां 10 प्रतिशत से अधिक जमीन पर वृक्ष आवरण है। वैसे बता दें कि हमारे वातावरण में जहरीली गैसों की मात्रा लगातार बढ़ रही है। इसकी वजह से प्रदूषण का स्‍तर बढ़ रही है और कई खतरनाक बीमारियों का शिकार लोग हो रहे हैं। ऐसे में अगर हम ज्‍यादा से ज्‍यादा पेड़ लगाते हैं, तो कुछ हद तक पर्यावरण की समस्‍याओं को सुलझाया जा सकता है। ऐसे में वायु प्रदूषण से जूझ रहे भारत के लिए यह अच्‍छी खबर है।