अहमदाबाद क्रैश के बाद विमान यात्रा करने से डर रहे लोग, एअर इंडिया की टिकट बिक्री में गिरावट; थेरेपी लेने की पड़ी रही जरूरत
अहमदाबाद में एअर इंडिया के विमान हादसे के बाद भारतीय यात्रियों में हवाई यात्रा का डर बढ़ गया है। सेवानिवृत्त वायुसेना अधिकारी दिनेश के. के 'फियर ऑफ फ्लाइंग' थेरेपी कोर्स की मांग में तेजी आई है, जिसमें पहले मासिक 10 पूछताछ की तुलना में अब 100 से अधिक लोग मदद मांग रहे हैं।
यात्री अपनी एयरलाइन और बोइंग या एयरबस जैसे विमान का चयन करने में अधिक सावधानी बरत रहे हैं (फोटो: रॉयटर्स)
रॉयटर्स, बेंगलुरु। हाल ही में अहमदाबाद में 260 यात्रियों को ले जा रहे एअर इंडिया के विमान 171 के दिल दहला देने वाले हादसे की दहशत अब भी विमान यात्रा करने वाले भारतीय यात्रियों के दिलो-दिमाग पर छाई हुई है। डरे-सहमे लोग अब हवाई यात्रा करने से कतराने लगे हैं।
सेवानिवृत्त वायुसेना अधिकारी दिनेश के. ने बताया कि बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर के अहमदाबाद से उड़ान भरने के कुछ ही क्षणों बाद दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद से उनके 500 डॉलर के थेरेपी कोर्स के लिए मांग में तेजी आई है। यह कोर्स लोगों को उड़ने के डर से पार पाने में मदद करता है।
सौ से अधिक लोगों ने मांगी मदद
55 वर्षीय दिनेश बेंगलुरु में 'फियर ऑफ फ्लाइंग साल्यूशंस' के लिए अपने कॉकपिट विस्टा केंद्र में उड़ान सिमुलेशन और परामर्श का संयोजन करते हैं, जो भारत में एकमात्र ऐसा केंद्र है। 2014 में वायुसेना से सेवानिवृत्त हुए दिनेश बताते हैं कि वह 14 घंटे का 'कॉकपिट विस्टा कोर्स' कराते हैं और विमान हादसे के बाद उनके सेंटर पर इस संबंध में सौ से अधिक लोगों ने मदद मांगी है, जबकि पहले औसतन प्रति माह दस जानकारियां मांगी जाती थीं।
उन्होंने बताया, 'उड़ने का डर आमतौर पर विमान पर होने वाली चीजों से संबंधित होता है। जैसे आवाजें, गति, कंपन आदि जिसका 'एक्सपोजर थेरेपी' ही एकमात्र समाधान है।'' उनके सेंटर में बोइंग के लिए एक सिमुलेटर है, जो लोगों को यह अनुभव करने में मदद करता है कि लैंडिंग और टेकऑफ कॉकपिट से कैसे दिखाई देते हैं और यह समझने में मदद करता है कि उड़ान के दौरान हर कंपन या आवाज खतरे का संकेत नहीं होतीं।
टिकट बिक्री में आई गिरावट
दिनेश को मिले वाट्सएप संदेशों में व्यक्तियों ने दुर्घटना के बाद 'आत्मविश्वास खोने' की शिकायत की, जबकि अन्य ने कहा कि यह 'दिमाग पर बड़ा बोझ' है। 1,600 से अधिक एजेंटों वाले भारतीय पर्यटन ऑपरेटर संघ ने कहा कि एअर इंडिया की दुर्घटना के तुरंत बाद कुल उड़ान बुकिंग में 15-20 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि 30-40 प्रतिशत बुक की गई टिकटें भी रद कर दी गईं।
समूह के अध्यक्ष रवि गोसाईं ने कहा, 'हमें विमान के प्रकार के बारे में बहुत असामान्य प्रश्न मिल रहे हैं। पहले यात्रियों को इस बात की परवाह नहीं थी कि यह किस प्रकार का विमान है। अब लोग ड्रीमलाइनर्स के बारे में सुनना नहीं चाहते।'
वायरल सीसीटीवी क्लिप बढ़ा रहा दहशत
- 12 जून की दुर्घटना के बाद से इंटरनेट मीडिया और टीवी चैनलों पर एक डरावना 59-सेकंड का सीसीटीवी क्लिप वायरल हो गया था जिसमें बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर की दुर्घटना का भयावह दृश्य निरंतर दिखाया जाता रहा है। विमानन और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा कि इसने परामर्श अनुरोधों की संख्या में असामान्य वृद्धि की है। कुछ यात्री अपनी एयरलाइन और बोइंग या एयरबस जैसे विमान का चयन करने में अधिक सावधानी बरत रहे हैं।
- जबकि अन्य इतने चिंतित हैं कि वे अपने हवाई यात्रा योजनाओं को पूरी तरह से पुनर्निर्धारित या रद कर रहे हैं। अहमदाबाद से मिली एयरपोर्ट सीसीटीवी रिकॉर्डिंग में दिखाया गया है कि एअर इंडिया का विमान टेकऑफ के बाद 650 फीट (198.12 मीटर) की ऊंचाई पर गया, लेकिन अचानक नीचे गिरने लगा और पास की इमारत पर गिरकर आग का गोला बन गया। यह सब 60 सेकंड के भीतर हुआ।
- यह परेशान करने वाला फुटेज भारतीय यात्रियों के बीच आतंक का एक प्रमुख कारण था, पांच मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा। गूगल ट्रेंड्स के डाटा से पता चलता है कि भारत में 'उड़ने का डर' शब्द के लिए गूगल सर्च एअर इंडिया की दुर्घटना के एक दिन बाद चरम पर पहुंच गईं थी और उड़ान के डर को अभी भी व्यापक रूप से सर्च किया जा रहा है।
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