जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। अब यदि आप निर्धारित से अधिक वजन अथवा आकार का सामान लेकर ट्रेन में सफर करेंगे तो आपको डेढ़ से छह गुना तक पेनाल्टी भरनी पड़ सकती है। रेल मंत्रालय 2006 के लगेज एंड पार्सल रूल्स को कड़ाई से लागू करने पर विचार कर रहा है। अभी इन नियमों को लेकर रेलवे का रवैया ढीलाढाला है। लेकिन अब इसे किराया-भाड़ा बढ़ाए बगैर रेलवे की आमदनी बढ़ाने के परोक्ष औजार के तौर पर इस्तेमाल करने की तैयारी हो रही है।

23 मार्च, 2006 से लागू लगेज एवं पार्सल नियमों के अनुसार कोई भी रेल यात्री बिना बुकिंग के ट्रेन कंपार्टमेंट में अपने साथ निर्धारित वजन व आकार से ज्यादा सामान नहीं ले जा सकता है। इसके तहत प्रत्येक दर्जे के लिए सामान की अधिकतम एवं शुल्कमुक्त सीमा निर्धारित है। अधिकतम और शुल्कमुक्त सीमा से अधिक अथवा बिना बुकिंग के सामान ले चलने पर टीटीई द्वारा जुर्माना वसूले जाने का प्रावधान है।इन नियमों के मुताबिक एसी फ‌र्स्ट क्लास में बुक करने के बाद अधिकतम 150 किलोग्राम सामान ले जाया जा सकता है। इसमें से 70 किलोग्राम तक सामान पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। जबकि इससे 15 किलोग्राम तक ज्यादा सामान पर डेढ़ गुना दर से शुल्क लगेगा। परंतु यदि सामान का वजन इससे भी ज्यादा हुआ तो टीटीई को छह गुना शुल्क वसूलने का अधिकार है।

 साथ ही बिना बुक किये गए सामान पर भी छह गुना शुल्क देना होगा।इसी प्रकार फ‌र्स्ट क्लास अथवा सेकंड एसी के लिए सामान की अधिकतम सीमा 100 किलोग्राम और निशुल्क सीमा 50 किलोग्राम है। निशुल्क सीमा से 10 किलो तक अधिक (अर्थात कुल 60 किलो) वजन पर अतिरिक्त वजन के अनुसार डेढ़ गुना शुल्क और उससे भी ज्यादा वजन अथवा बिना बुकिंग का सामान होने पर टीटीई द्वारा छह गुना पेनल्टी लगाई जा सकती है।एसी थर्ड के मामले में अधिकतम और निशुल्क सीमा दोनो 40 किलो की है। निशुल्क सीमा से दस किलो तक ज्यादा (यानी कुल 50 किलो) वजन पर अतिरिक्त वजन के अनुसार डेढ़ गुना और उससे भी ज्यादा अथवा बिना बुकिंग सामान पर छह गुना शुल्क दंड स्वरूप वसूला जाएगा।

स्लीपर कंपार्टमेंट में सामान ले जाने की अधिकतम सीमा 80 किलो और निशुल्क सीमा 40 किलो है। निशुल्क सीमा से दस किलो तक ज्यादा (यानी कुल 50 किलो) सामान की स्थिति में डेढ़ गुना और उससे भी ज्यादा अथवा बिना बुकिंग के पाए जाने पर छह गुना शुल्क का प्रावधान है।

इसी प्रकार सेकंड क्लास के लिए अधिकतम सीमा 70 किलो और निशुल्क सीमा 35 किलो निर्धारित है। पैंतीस किलो से 10 किलो तक ज्यादा (अर्थात कुल 45 किलो) होने पर अतिरिक्त 10 किलो पर डेढ़ गुनी दर से शुल्क वसूला जाएगा। जबकि 45 किलो से भी ज्यादा बुकिंग वाले अथवा बिना बुकिंग वाले किसी भी वजन के सामान पर छह गुना दर से पेनाल्टी वसूली जा सकती है। यही नहीं यदि सामान की लंबाई सौ सेंटीमीटर, चौड़ाई 60 तथा ऊंचाई 25 सेंटीमीटर से अधिक है, तो उसे लगेज वैन में बुक कराना होगा।

ऐसा हुआ तो यदि आप स्लीपर क्लास के 500 किलोमीटर के सफर के लिए 80 किलोग्राम सामान की बुकिंग कराते हैं तो इसमें पहले 40 किलोग्राम पर तो कोई शुल्क नहीं लगेगा। परंतु बाकी के 40 किलोग्राम पर 109 रुपये शुल्क देय होगा। यदि ट्रेन में टीटीई ने आपके सामान को अस्सी किलोग्राम से ज्यादा पाया तो 10 किलोग्राम तक अधिक होने पर 163 रुपये पेनाल्टी वसूलेगा। परंतु यदि सामान इससे भी अधिक अथवा बिना बुकिंग का पाया गया तो 654 रुपये की पेनाल्टी भरनी होगी।

 

रेलवे बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि अब इन नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए अभियान छेड़ने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि इन नियमों को लागू किया जाए अथवा नहीं इस पर मंत्रालय के अधिकारियों में दो मत हैं। मंत्रालय का एक तबका यह मानता है कि यदि इन नियमों को इस समय लागू किया जाता है तो इससे सरकार को राजनीतिक तौर पर नुकसान उठाना पड़ सकता है।

 

Posted By: Srishti Verma

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