धार [प्रेमविजय पाटिल]। मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल जिले धार के प्रतापपुर गांव में सामाजिक पंचायत द्वारा एक पिता को उसकी 14 साल की किशोरी को बेचने का फरमान सुनाने का मामला सामने आया है। पंचायत के निर्देश के चलते पिता ने बेटी का सौदा भी तय कर दिया था और एक व्यक्ति से कुछ रुपये भी ले लिए थे। किशोरी को साड़ी पहनाकर संबंधित व्यक्ति के साथ भेजने की भी तैयारी थी, लेकिन चाइल्ड लाइन को सूचना मिल गई। इस पर बाल कल्याण समिति व पुलिस के साथ चाइल्ड लाइन की टीम पहुंची और किशोरी को बचा लिया। अब किशोरी को धार जिला मुख्यालय स्थित शासकीय वन स्टाप सेंटर में रखा गया है।

बच्ची का दोष सिर्फ इतना था कि वह अपने जीजा के साथ गुजरात गई थी। इसके चलते समाज की पंचायत ने उसके पिता पर दबाव बनाया कि वह बेटी को बेच दे। मंगलवार को घटित हुआ यह मामला बुधवार को जिला बाल कल्याण समिति के सामने आने के बाद दोषियों पर कार्रवाई के लिए कहा गया है। उधर, धार पुलिस ने बताया कि समाज की पंचायत के फरमान के बाद एक लाख 51 हजार रुपये में किशोरी का सौदा हुआ था। पिता ने इसमें से अग्रिम धनराशि के तौर पर 35 हजार रुपये भी ले लिए थे। बताया जा रहा है कि बालिका को पेड़ से बांधकर मारपीट भी की गई।

धार के पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह ने बताया, प्रथम दृष्टया मामला मानव तस्करी का नहीं लग रहा है। हमने इसमें स्थानीय स्तर पर जानकारी प्राप्त की है। संबंधित थाना क्षेत्र के लोगों को सतर्क रहने और ध्यान रखने के लिए कहा गया है।

Edited By: Neel Rajput