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कर्ज माफी की आस में अब बैंक में पैसा नहीं जमा कर रहे किसान

हड़ताल के बाद से किसान कर्ज माफी की राशि जमा नहीं कर रहे हैं। बैंकों में कर्ज जमा करने की राशि में करीब 90 फीसदी की गिरावट आई है।

By Pratibha Kumari Edited By: Published: Thu, 15 Jun 2017 09:14 AM (IST)Updated: Thu, 15 Jun 2017 09:17 AM (IST)
कर्ज माफी की आस में अब बैंक में पैसा नहीं जमा कर रहे किसान
कर्ज माफी की आस में अब बैंक में पैसा नहीं जमा कर रहे किसान

हरदा/होशंगाबाद, नईदुनिया। किसान आंदोलन के दौरान कर्ज माफी की मांग जोर-शोर से उठने के बाद अब किसानों ने बैंकों के कर्ज जमा करना करीब-करीब बंद कर दिया है। उत्तरप्रदेश और महाराष्ट्र में कर्ज माफी की घोषणा के बाद से हरदा और होशंगाबाद जिले के किसान बैंकों में किसान क्रेडिट कार्ड का पैसा जमा नहीं कर रहे हैं। बैंकों से मिले आंकड़ों के अनुसार आम तौर पर इन दिनों में जितनी राशि जमा होती थी, उसमें से करीब 90 फीसदी की गिरावट आई है।

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इधर बैंक प्रबंधकों का कहना है कि किसान समय पर कर्ज जमा करेंगे तो उन्हें खाद-बीज आसानी से मिल सकेगा और ब्याज की सब्सिडी व आगामी ऋण आसानी से उपलब्ध हो जाएगा। हरदा जिले में किसानों पर करीब 2 हजार करोड़ रुपए का कर्ज बकाया है। बैंकों ने किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड के अलावा अन्य माध्यमों से कृषि ऋण दिया है। एक से 10 जून तक हुई हड़ताल के बाद से किसान कर्ज माफी की राशि जमा नहीं कर रहे हैं।

भारतीय स्टेट बैंक कृषि शाखा के प्रबंधक बीके भट्ट ने बताया कि एक पखवाड़े पहले जिस गति से किसान कर्ज की राशि जमा करा रहे थे, उसमें काफी कमी आई है। एक जून से इक्का-दुक्का किसान ही राशि जमा करा रहे हैं। उन्‍होंने बताया कि 30 जून तक राशि जमा करने में किसानों को ब्याज अनुदान का लाभ मिलेगा, लेकिन तारीख निकलने के बाद जहां अनुदान का लाभ नहीं मिलेगा, वहीं ब्याज पर दंड भी लगेगा। ऐसे में किसानों को समय पर कर्ज राशि जमा करना चाहिए। यही हालत जिला सहकारी बैंक की है। 124 करोड़ के कर्ज में से 31 मई तक किसानों ने 62 करोड़ रुपए चुका दिया, लेकिन एक जून के बाद से राशि में काफी कमी आई है। किसानों को उम्मीद है कि सरकार किसानों के हित में कर्ज माफी की घोषणा कर सकती है।

किसान नेता केदार सिरोही ने कहा कि जो किसान समक्ष हैं और उनके पास राशि है तो वह अपना कर्ज जमा कर दें। ताकि वे डिफाल्टर की श्रेणी में नहीं आएं और सुविधाओं का लाभ मिलता रहे। सरकार से कर्ज माफी की लड़ाई जारी रहेगी।

जिला सहकारी बैंक के शाखा प्रबंधक केसी सारन ने कहा कि बीते एक पखवाड़े में कर्ज जमा करने में करीब 90 फीसदी की कमी आई है। पहले जहां एक दिन में 20 लाख रुपए औसत रिकवरी होती थी, वहीं अब राशि 2 लाख रुपए के करीब हो गई है। किसान समय पर कर्ज जमा करेगा तो नगद और वस्तु ऋण आसानी से मिलेगा। साथ ही ब्याज अनुदान भी मिलेगा।

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