आशीष मिश्रा, भोपाल। पालतू कुत्ते से प्रेम और उनकी वफादारी की अनूठी और रोचक कहानियां सामने आती रहती हैं। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के एक किसान ने तो पालतू कुत्ते जैकी के नाम अपनी आधी जायदाद लिख दी और बकायदा वसीयत भी बना दी। मामला जिले के चौरई ब्लॉक के बाड़ीबड़ा गांव का है। यहां के 50 वर्षीय किसान ओमनारायण वर्मा ने इकलौते बेटे के रवैये से नाराज होकर यह कदम उठाया। बचा आधा हिस्सा उन्होंने दूसरी पत्नी चंपा वर्मा के नाम किया है। हालांकि वसीयत में कुत्ते का संरक्षक भी चंपा को बनाया है।

किसान के पास 18 एकड़ जमीन और एक मकान

ओमनारायण के पास 18 एकड़ जमीन और एक मकान है। किसान ओमनारायण ने बताया कि वे अपने इकलौते बेटे के रवैये से नाराज हैं और इसके चलते उन्होंने अपनी वसीयत में बेटे की जगह पालतू कुत्ते को संपत्ति का हिस्सेदार बना दिया है। उन्होंने अपनी वसीयत में लिखा है कि मेरी सेवा मेरी दूसरी पत्नी और पालतू कुत्ता करता है, इसलिए मेरे जीते-जी वे मेरे लिए सबसे अधिक प्रिय हैं। मेरे मरने के बाद पूरी संपत्ति और जमीन-जायदाद के हकदार पत्नी चंपा वर्मा और पालतू कुत्ता जैकी होंगे। साथ ही कुत्ते की सेवा करने वाले को जायदाद का अगला वारिस माना जाएगा। वसीयत में जैकी की उम्र 11 माह लिखी गई है।

किसान ओमनारायण ने की हैं दो शादियां 

गौरतलब है कि ओमनारायण ने दो शादियां की हैं। पहली पत्नी धनवंती वर्मा है, जिनसे तीन बेटियां और एक बेटा है, जबकि दूसरी पत्नी चंपा है, जिससे दो बेटियां हैं। पहली पत्नी पिछले आठ साल से अपने बच्चों के साथ अलग रहती हैं। बेटा ओमनारायण और धनवंती का है।

कानून की नजर में कुत्ते अबोध

कुत्ते को कानून की नजर में अबोध माना जाता है, लिहाजा संरक्षक ही वसीयत संभालता है। किसान ने कुत्ते के प्रति अत्यधिक लगाव के कारण इस प्रकार की वसीयत लिखी होगी।

- प्रणय नामदेव, वरिष्ठ अधिवक्ता, छिंदवाड़ा

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