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    चीतों को लेकर नामीबिया से भारत तक उत्साह, शिफ्टिंग का लाइव प्रसारण करने की तैयारी

    By Arun Kumar SinghEdited By:
    Updated: Thu, 15 Sep 2022 11:00 PM (IST)

    आठ चीतों को लेकर यह विमान 17 सितंबर को जयपुर पहुंचेगा। इसी दिन इस अहम प्रोजेक्ट का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कूनो अभयारण्य से करेंगे। इसी दिन पीएम का जन्मदिन भी है। इस प्रोजेक्ट पर वन एवं पर्यावरण मंत्रालय अगले पांच साल में लगभग 90 करोड़ रुपये खर्च करेगा।

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    नामीबिया में भारत के राजदूत ने चीतों को लाने के लिए वहां पहुंचे विशेष विमान की तस्वीर ट्वीट की।

    जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। भारतीय धरती पर चीतों के पहुंचने का समय जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, दोनों देशों (नामीबिया और भारत) में इस ऐतिहासिक शिफ्टिंग को लेकर उत्साह भी बढ़ता दिख रहा है। नामीबिया में भारत आने वाले इन चीतों को सद्भावना दूत नाम दिया गया। साथ ही इस शिफ्टिंग का लाइव प्रसारण करने की तैयारी भी की गई है। भारत में चीतों के आने को लेकर उत्साह चरम पर है।

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    चीतों को लेने के लिए विशेष विमान पहंचा नामीबिया

    खुद केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने नामीबिया में भारत के राजदूत के एक ट्वीट के जवाब में कहा कि सद्भावना दूतों (चीतों) के स्वागत के लिए देश अब और इंतजार नहीं कर सकता है। दशकों तक उनके खामोश रहने के बाद देश अब उनकी गुर्राहट सुनने का इंतजार कर रहा है। उन्होंने चीतों को लेकर आने वाले विशेष विमान की फोटो भी साझा की।

    बाघों के प्रोजेक्ट को इंडियन आयल ने दी वित्तीय मदद

    आठ चीतों को लेकर यह विमान 17 सितंबर को जयपुर पहुंचेगा। इसी दिन इस अहम प्रोजेक्ट का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कूनो अभयारण्य से करेंगे। इसी दिन पीएम का जन्मदिन भी है। इस प्रोजेक्ट पर वन एवं पर्यावरण मंत्रालय अगले पांच साल में लगभग 90 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इसमें से 50 हजार करोड़ से ज्यादा की राशि अकेले इंडियन आयल देगी। इससे पहले भी बाघों के संरक्षण से जुड़े प्रोजेक्ट को भी इंडियन आयल ने वित्तीय मदद दी थी।

    केबीसी में अमिताभ बच्चन ने पूछे इससे जुड़े सवाल

    चीतों को लेकर उत्साह कौन बनेगा करोड़पति (केबीसी) जैसे चर्चित कार्यक्रम में भी दिखा। सुपरस्टार अमिताभ बच्चन ने इस पर सवाल पूछकर लोगों की इस प्रोजेक्ट में दिलचस्पी को और बढ़ा दिया। उनका सवाल था कि 1947 में छत्तीसगढ़ के कोरिया महाराजा ने भारत में किस वन्यजीव के अंतिम तीन सदस्यों का शिकार कर लिया था। इसके विकल्पों में एशियाई चीते भी थे। सवाल खत्म होने के बाद अमिताभ बच्चन ने नामीबिया से लाए जा रहे चीतों के बारे में बताया। साथ ही यह जानकारी दी कि दुनिया में एशियाई चीते अब सिर्फ ईरान में हैं। जिनकी संख्या अधिकतम 20 है।

    चीतों के अनुकूल बनाया गया है विशेष विमान

    चीतों को लेकर यह उत्साह तब और देखा गया है, जब नामीबिया में भारत के राजदूत ने चीतों को लाने के लिए वहां पहुंचे विशेष विमान की तस्वीर ट्वीट की। कुछ ही देर में ये तस्वीरें इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो गईं। इस विमान को अमेरिकी कंपनी द्वारा विशेष रूप से तैयार किया गया है। इनमें चीतों की पेंटिंग बनाई गई है। साथ ही इसके अंदर के हिस्से को भी चीतों के अनुकूल बनाया गया है।