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    तेलंगाना के वोट के बदले नोट मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने दाखिल किया आरोपपत्र, जानें क्‍या हैं आरोप

    By Krishna Bihari SinghEdited By:
    Updated: Thu, 27 May 2021 08:02 PM (IST)

    प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने वोट के बदले नोट मामले से जुड़ी अपनी मनी लांड्रिंग जांच के संबंध में तेलंगाना कांग्रेस के सांसद ए रेवंत रेड्डी तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के विधायक वेंकट वीरैया समेत कुछ लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है।

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    ईडी ने वोट के बदले नोट मामले से जुड़ी अपनी मनी लांड्रिंग जांच के संबंध में आरोपपत्र दाखिल किया है।

    नई दिल्ली, पीटीआइ। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने वोट के बदले नोट मामले से जुड़ी अपनी मनी लांड्रिंग जांच के संबंध में तेलंगाना कांग्रेस के सांसद ए रेवंत रेड्डी, तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के विधायक वेंकट वीरैया समेत कुछ लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने यहां एक बयान में बताया कि 2015 के इस मामले में हैदराबाद के नाम्पल्ली में विशेष मनी लांड्रिंग रोकथाम कानून (पीएमएलए) अदालत के समक्ष अभियोजन की शिकायत दाखिल की गई है।

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    एजेंसी ने कहा कि नोट के बदले वोट मामले में मलकाजगिरी से कांग्रेस सांसद अनुमुला रेवंत रेड्डी, सथुपल्ली निर्वाचन क्षेत्र से विधायक एस वेंकट वीरैया, बिशप हैरी सेबेस्टियन, रुद्र शिवकुमार उदय सिम्हा, मथैया जेरूसलेम और वेम कृष्ण कीर्तन के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है। रेड्डी और वीरैया पहले तेदेपा में थे, लेकिन अब रेड्डी कांग्रेस और वीरैया टीआरएस में हैं।

    एजेंसी ने दावा किया कि उसकी जांच में यह स्थापित हुआ कि आरोपितों ने यह अपराध किया और मनी लांड्रिंग की। उसने कहा, इसलिए ईडी ने आरोपितों के खिलाफ अभियोजन की शिकायत दर्ज कराने के बाद अनुरोध किया है कि मनी लांड्रिंग के मामले में सुनवाई शुरू की जाए।

    यह मामला 2015 का है। उस समय एल्विस स्टीफेन्सन (तेलंगाना विधानसभा में एंग्लो-इंडियन समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले मनोनीत विधायक) को 50 लाख रुपये नकद रिश्वत दी गई थी, ताकि वह या तो विधान परिषद में मतदान से दूर रहें या तेदेपा उम्मीदवार वेम नरेंद्र रेड्डी के पक्ष में मतदान करें। मतदान एक जून 2015 को होना था।