यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 13, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
टीवी चैनलों को इंटरव्यू देने पर फंसे राहुल गांधी, EC ने थमाया नोटिस
चुनाव आयोग ने राहुल गांधी को जारी नोटिस में 18 दिसंबर तक इस मामले में उनसे जवाब भी मांगा है।

नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को गुजरात चुनाव के दूसरे चरण की वोटिंग से पहले टीवी चैनलों को इंटरव्यू देना महंगा पड़ गया। इसे आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए आयोग ने इंटरव्यू के प्रसारण पर रोक लगाने के साथ ही इस मामले में राहुल गांधी को नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा है। साथ ही इंटरव्यू का प्रसारण करने वाले चैनेलों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के भी निर्देश दिए है। आयोग ने यह कदम भाजपा की ओर से जताई गई आपत्ति के बाद उठाया है।
चुनाव आयोग ने राहुल गांधी को जारी नोटिस में 18 दिसंबर तक इस मामले में उनसे जवाब भी मांगा है। आयोग ने इससे पहले अपने एक आदेश में इंटरव्यू के प्रसारण पर पूरी तरह से रोक लगाते हुए गुजरात के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ)को निर्देश दिया कि इंटरव्यू का प्रसारण करने वाले ऐसे चैनलों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाए।
आयोग ने इससे पहले भाजपा की ओर से की गई शिकायत का गंभीरता से अध्ययन किया। इसके बाद आयोग ने बुधवार शाम को यह फैसला लिया। आयोग का कहना था कि जब चुनाव का प्रचार पूरा तरह से खत्म हो गया है, ऐसे में इंटरव्यू दिखाना गलत है।
कांग्रेस के पलटवार
राहुल गांधी को नोटिस जारी होने के बाद कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर पलटवार किया है। कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए पीएम नरेंद्र मोदी, वित्त मंत्री अरुण जेटली, रेल मंत्री पीयूष गोयल के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन के लिए केस दर्ज करने की मांग की।

