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ईडी की बड़ी कार्रवाई, ऋण धोखाधड़ी मामले में जब्त 169.47 करोड़ की संपत्ति सेंट्रल बैंक को सौंपी

Published: Wed, 03 Dec 2025 11:21 PM (GMT+05:30)

ईडी कोलकाता ने मेसर्स प्रकाश वाणिज्य प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े ऋण धोखाधड़ी मामले में 169.47 करोड़ रुपये की संपत्ति सेंट्रल ...और पढ़ें

ईडी ने सेंट्रल बैंक को सौंपी संपत्ति

ईडी ने सेंट्रल बैंक को सौंपी संपत्ति

HighLights

  1. ईडी ने सेंट्रल बैंक को सौंपी संपत्ति

  2. ऋण धोखाधड़ी में 169.47 करोड़ जब्त

  3. फर्जी दस्तावेजों से बैंक को नुकसान

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। ईडी के कोलकाता जोनल कार्यालय ने मेसर्स प्रकाश वाणिज्य प्राइवेट लिमिटेड और इसके मालिक मनोज कुमार जैन से जुड़े बैंक धोखाधड़ी मामले में 169.47 करोड़ रुपये मूल्य की जब्त संपत्तियों को सेंट्रल बैंक आफ इंडिया को सौंपा है।

जांच में पता चला कि कंपनी ने फर्जी दस्तावेज और बढ़े हुए वित्तीय आंकड़ों के आधार पर बैंक से ऋण सुविधा ली और फिर बड़ी राशि को अवैध रूप से अन्यत्र स्थानांतरित कर दिया। इस कारण सेंट्रल बैंक को कुल 234.57 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

ऋण धोखाधड़ी में 169.47 करोड़ जब्त

ईडी ने बंगाल तथा छत्तीसगढ़ में कुल 199.67 करोड़ रुपये की संपत्तियों को जब्त किया था। बैंक के हितों की रक्षा और सार्वजनिक धन की वसूली सुनिश्चित करने के लिए ईडी ने बैंक अधिकारियों के साथ कई बैठकें कीं। इसके बाद सेंट्रल बैंक आफ इंडिया ने संपत्तियों की वापसी के लिए आवेदन किया।

फर्जी दस्तावेजों से बैंक को नुकसान

अदालत ने 28 नवंबर को ईडी की सहमति याचिका पर जब्त संपत्तियों को बैंक को सौंपने की अनुमति दी। बैंक द्वारा नए सिरे से किए गए मूल्यांकन में जब्त संपत्तियों का मूल्य करीब 169.47 करोड़ रुपये पाया गया। यह फैसला सार्वजनिक धन की वसूली और वित्तीय धोखाधड़ी के खिलाफ कड़े रुख का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।