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    ED Action: ईडी ने हांगकांग में नीरव मोदी की 253 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्‍ति कुर्क की, जानें कुल कितनी प्रापर्टी पर हुई कार्रवाई

    By Arun Kumar SinghEdited By:
    Updated: Fri, 22 Jul 2022 08:37 PM (IST)

    ED Action प्रवर्तन निदेशालय ने शुक्रवार को कहा कि उसने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत भगोड़े हीरा व्यापारी नीरव मोदी की हांगकांग की कुछ कंपनियों के 253.62 करोड़ रुपये के रत्न आभूषण और बैंक जमा को कुर्क किया है।

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    हांगकांग में नीरव मोदी समूह की कंपनियों की कुछ संपत्तियों की पहचान

     नई दिल्ली, एजेंसी। प्रवर्तन निदेशालय ने शुक्रवार को कहा कि उसने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत भगोड़े हीरा व्यापारी नीरव मोदी की हांगकांग की कुछ कंपनियों के 253.62 करोड़ रुपये के रत्न, आभूषण और बैंक जमा को कुर्क किया है।

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    संघीय जांच एजेंसी ने एक बयान में कहा कि हांगकांग में नीरव मोदी समूह की कंपनियों की कुछ संपत्तियों की पहचान निजी तिजोरियों में पड़े रत्नों और आभूषणों के रूप में की गई। वहां बनाए गए खातों में बैंक बैलेंस और इन्हें मनी लॉन्ड्रिंग अधिनियम (पीएमएलए) की धाराओं के तहत अस्थायी रूप से संलग्न किया गया है। बैंकों में रखी गई राशि 300.98 लाख अमरीकी डालर और हांगकांग डालर 50.75 लाख है, जो 253.62 करोड़ रुपये (22 जुलाई, 2022 तक) के बराबर है। यह जानकारी समाचार एजेंसी पीटीआई ने दी है।

    51 वर्षीय नीरव मोदी वर्तमान में ब्रि‍टने की जेल में बंद है। दो करोड़ अमरीकी डालर के पीएनबी धोखाधड़ी मामले के संबंध में भारत में अपनी प्रत्यर्पण याचिका खो चुका है, जिसकी जांच सीबीआई द्वारा भी की जा रही है। ईडी ने कहा कि प्रत्यर्पण की कार्यवाही लंदन, ब्रिटेन में अंतिम चरण में है।

    इसने कहा कि नवीनतम कुर्की के साथ नीरव मोदी के खिलाफ संपत्ति की कुल जब्ती 2,650.07 करोड़ रुपये है। इसके अलावा मुंबई की एक विशेष अदालत के आदेश पर भगोड़े आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 के प्रावधानों के तहत नीरव मोदी और उसके सहयोगियों की 1,389 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्ति को जब्त कर लिया गया है। एजेंसी ने कहा कि जब्त की गई कुछ संपत्तियों को पहले ही पीड़ित बैंकों को सौंप दिया गया है।

    दोनों मामले के मुख्य आरोपी नीरव मोदी और उसके चाचा मेहुल चोकसी अन्य लोगों के साथ ईडी द्वारा मनी लान्ड्रिंग के आरोपों में मुंबई में ब्रैडी हाउस पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) शाखा के बैंक अधिकारियों के साथ मिलीभगत से धोखाधड़ी करने और धोखाधड़ी वाले लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) जारी करने के आरोप में जांच की जा रही है। उन्हें (मोदी) दिसंबर 2019 में मुंबई पीएमएलए अदालत द्वारा भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया था। उन्हें उसी वर्ष लंदन में गिरफ्तार किया गया था।