नई दिल्ली, प्रेट्र। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आदर्श क्रेडिट कोआपरेटिव सोसायटी लि. (Adarsh Credit Cooperative Society Limited) की 1489 करोड़ रुपये की संपत्ति सोमवार को जब्त कर ली। इसमें 1464.76 करोड़ की अचल संपत्तियां व बैंक में जमा 24.44 करोड़ रुपये शामिल हैं। जनता के जमा धन के गबन के आरोप में ईडी ने यह कदम उठाया है।

मोदी व टांक का है ग्रुप

आदर्श समूह मुकेश मोदी, वीरेंद्र मोदी व उनके परिवार तथा महेंद्र टांक व सौरभ टांक के रिद्धि सिद्धी समूह व अन्य आरोपितों का है। ईडी द्वारा जब्त की गई संपत्तियां राजस्थान, हरियाणा, नई दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र व उप्र में हैं। मनी लांड्रिंग के अपराध से संबंधित होने के कारण मनी लांड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) 2002 के तहत इन्हें फिलहाल अस्थाई रूप से जब्त किया गया है।

भारी मात्रा में फंड डायवर्ट किया गया

निवेशकों का आरोप था कि आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड में समय पूरा होने के बाद भी पैसे वापस नहीं लौटाया गया। ईडी की जांच में सामने आया कि मुकेश के परिवार और रिश्तेदारों की कंपनियों में वेतन, प्रोत्साहन और कमीशन के माध्यम से भारी मात्रा में फंड को डायवर्ट किया गया। मुकेश और अन्य लोगों की वजह से आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड (ACCSL) को लगभग 4,000 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ।

दिसंबर 2018 में दर्ज हुआ था केस

आदर्श समूह के खिलाफ दिसंबर 2018 में राजस्थान पुलिस के स्पेशल आपरेशन ग्रुप ने एफआइआर दर्ज की थी। आइपीसी की विभिन्न धाराओं में मुकेश व राहुल मोदी व आदर्श समूह के अन्य लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, हेराफेरी, आपराधिक षड्यंत्र व अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था। कई निवेशकों ने सोसायटी के खिलाफ शिकायतें की थीं। इसी एफआइआर के आधार पर ईडी ने भी मामला हाथ में लिया।                                                                                                                                  

Posted By: Manish Pandey

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