जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को उद्योग जगत को भरोसा दिलाया कि देशव्यापी लॉकडाउन नहीं लगाया जाएगा। कोरोना की दूसरी लहर में लगातार बढ़ते संक्रमण को देखते हुए देशभर में लॉकडाउन लगाए जाने के कयास शुरू हो गए हैं। ऐसे में अनिश्चितता बढ़ने से श्रमिकों के पलायन की आशंका गहराती जा रही है।

राष्ट्रीय स्तर पर लॉकडाउन लगाने की सरकार की कोई योजना नहीं

फेडरेशन ऑफ इंडियन स्माल मीडियम एंटरप्राइजेज (फिस्मे) के अध्यक्ष अनिमेश सक्सेना ने बताया कि फोन पर बातचीत में वित्त मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर लॉकडाउन लगाने की सरकार की कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए छोटे कंटेनमेंट जोन बनाए जाएंगे।

प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सभी राज्यों के संपर्क में हैं

वित्त मंत्री ने उनसे यह भी कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सभी राज्यों से लगातार संपर्क कर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। राज्यों में आक्सीजन से लेकर अन्य दवाइयों आदि की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही है।

सीतारमण ने एमएसएमई की चिंताओं के बारे में मांगी जानकारी

सीतारमण ने एमएसएमई की अन्य चिंताओं के बारे में भी सक्सेना से जानकारी मांगी। फिस्मे की तरफ से बताया गया कि आगामी बुधवार को एमएसएमई के अन्य एसोसिएशन के साथ बैठक की जाएगी। उसके बाद वित्त मंत्री को एमएसएमई की अन्य चुनौतियों से अवगत कराया जाएगा।

देशभर में एक साथ लॉकडाउन लगने से श्रमिक पलायन कर जाएंगे, सप्लाई चेन होगी बाधित

पिछले सप्ताह औद्योगिक संगठन फिक्की ने भी सरकार से देशव्यापी लॉकडाउन नहीं लगाने की गुजारिश की थी। औद्योगिक संगठनों का कहना है कि देशभर में एक साथ लॉकडाउन लगने से सप्लाई चेन फिर से बाधित हो जाएगी और मासिक वेतन भोगी श्रमिक भी पलायन कर जाएंगे। फैलते कोरोना की वजह से महाराष्ट्र में मिनी लॉकडाउन पहले से ही चल रहा है। दिल्ली, गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में आंशिक या वीकेंड लॉकडाउन लगाए जा रहे हैं। देशव्यापी लॉकडाउन लगाने से अर्थव्यवस्था की रिकवरी को और झटका लग सकता है।

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