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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 14, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मतभेदों के बावजूद, कोई भी नेहरू के इरादों पर शक नहीं कर सकता : राजनाथ

By Test1 Test1Edited By:
Published: Sat, 14 Nov 2015 03:26 PM (IST)Updated: Sat, 14 Nov 2015 05:04 PM (IST)

गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आज देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वैचारिक मतभेदों ...और पढ़ें

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दिल्ली। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आज देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वैचारिक मतभेदों के बावजूद, जनता के कल्याण और राष्ट्र निर्माण के प्रति काम करने के उनके इरादों पर कोई शक नहीं कर सकता ।

सिंह ने यहां नेहरू की 150वीं जयंती समारोह के मौके पर कहा, ‘‘ऐसे कई मुद्दे हैं जिनपर नेहरू के साथ हमारे मतभेद हैं । हमारे मतभेद उनकी नीतियों को लेकर हैं, लेकिन हम जनता के कल्याण और राष्ट्र निर्माण के लिए काम करने के उनके इरादों पर कोई शक नहीं कर सकते ।’’ भाजपा के वरिष्ठ नेता सिंह ने कहा कि नेहरू जैसे नेताओं के अथक योगदान के चलते भारत में आज एक जीवंत संसद, एक कारगर नौकरशाही, स्वतंत्र न्यायपालिका और निडर प्रेस है ।

उन्होंने कहा, ‘‘नेहरू जैसे नेताओं के योगदान के चलते ही भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र बना, भारत अब अपने लोकतंत्र की सफलता का उत्सव मना रहा है।’’ सिंह ने कहा कि नेहरू के नेतृत्व के तहत ही देश ने भिलाई, राउरकेला में बड़े उद्योगों, आईआईटी और आईआईएम जैसे शीर्ष शैक्षणिक संस्थानों और परमाणु संयंत्रों की स्थापना की।

गृह मंत्री ने कहा कि यद्यपि नेहरू ने औद्योगिकीकरण पर जोर दिया था फिर भी वह यह जानते थे कि देश के लिए कृषि बहुत ही महत्वपूर्ण है। सिंह ने कहा कि नेहरू ने बच्चों के लिए उचित शिक्षा और मार्गदर्शन के लिए हमेशा पहल की क्योंकि वह यह समझते थे कि भारत तब ही एक विकसित देश बनेगा जब उसके बच्चों को उचित शिक्षा मिलेगी ।

उन्होंने कहा कि नेहरू अपने समय के कद्दावर विश्व नेताओं में से एक थे और उनके साहसिक नेतृत्व के तहत, गुट निरपेक्ष आंदोलन की शुरूआत हुई थी।