Delhi चुनाव नतीजों से I.N.D.I.A में बढ़ी दरार, जानिए उमर अब्दुल्ला से लेकर संजय राउत तक किसने क्या कहा?
दिल्ली में विधानसभा चुनाव के नतीजे शनिवार को आ गए। इस चुनाव में बीजेपी ने 48 सीटों पर जीत हासिल की है। करीब 27 साल बाद बीजेपी दिल्ली की सत्ता में वापसी करने जा रही है। इस चुनाव के बाद इंडी गठबंधन में दरार देखने को मिल रही है। बता दें कि आप और कांग्रेस ने दिल्ली विधानसभा चुनाव अकेले लड़ने का फैसला किया था।

जेएनएन, नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव के परिणामों से विपक्षी गठबंधन आईएनडीआईए में दरार बढ़ती दिखाई दे रही है। चुनाव में भाजपा की निर्णायक जीत के बीच जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर कटाक्ष किया। उन्होंने एक्स पर एक मीम पोस्ट करते हुए लिखा कि और लड़ो आपस में!
दरअसल, आप और कांग्रेस ने दिल्ली विधानसभा चुनाव अकेले लड़ने का फैसला किया, जो पिछले साल हुए लोकसभा चुनाव में आईएनडीआईए का हिस्सा थे। शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने दावा किया कि कांग्रेस-आप का गठबंधन होता तो उसने दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा को कुचल दिया होता।
चुनाव परिणामों पर क्या बोले संजय राउत?
महाराष्ट्र में मतदाता सूची में विसंगतियों के अपने आरोपों को दोहराते हुए राउत ने आरोप लगाया कि दिल्ली चुनाव में महाराष्ट्र पैटर्न लागू किया गया। कहा कि अगर आप और कांग्रेस के बीच संबंध अच्छे होते तो बेहतर परिणाम होता। दोनों दलों ने भाजपा के खिलाफ अलग-अलग चुनाव लड़ा।
उन्होंने कहा कि अगर वे मिलकर चुनाव लड़ते तो भाजपा की हार निश्चित थी। हमें इससे सबक लेना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि विधानसभा चुनाव के दौरान महाराष्ट्र में 39 लाख वोट जोड़े गए। कहा कि ये वोट बिहार नहीं जाएंगे, जबकि कुछ दिल्ली चले गए हैं। दिल्ली में भी महाराष्ट्र का पैटर्न लागू किया गया। निर्वाचन आयोग ने अपनी आंखें बंद कर ली हैं।
मकपा ने निराशा व्यक्त की
- दिल्ली विधानसभा के चुनाव परिणामों पर माकपा और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) ने निराशा व्यक्त की और कहा कि विपक्षी गठबंधन में मतभेदों ने भाजपा के अच्छे प्रदर्शन का मार्ग प्रशस्त किया। माकपा और आईयूएमएल दोनों आईएनडीआईए का हिस्सा हैं। माकपा ने कांग्रेस पर जोरदार हमला किया और उस पर दिल्ली में भाजपा की जीत में मदद करने का आरोप लगाया।
- हालांकि, आईयूएमएल ने सीधे तौर पर कांग्रेस की आलोचना नहीं की, लेकिन यह स्पष्ट कर दिया कि अगर आईएनडीआइए के सहयोगी एकजुट होकर चुनाव लड़ते, तो वे भाजपा को सत्ता में आने से रोक सकते थे।
- माकपा के वरिष्ठ नेता और केरल में सत्तारूढ़ एलडीएफ के संयोजक टीपी रामकृष्णन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने विपक्षी गठबंधन के प्रभावी समन्वय के लिए अनुकूल कदम नहीं उठाए। आइयूएमएल के वरिष्ठ नेता पीके कुन्हालीकुट्टी ने कहा कि यदि विपक्षी गठबंधन के सहयोगी एकजुट होते तो नतीजा ऐसा नहीं होता।
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