जेएनएन, नई दिल्लीः पाकिस्तान के सिंध प्रांत में एक और हिंदू लड़की निशा को जबरन मुसलमान बनाकर निकाह कराने में स्थानीय नेता मियां मिट्ठू का हाथ होने की पुष्टि हुई है। वह पहले से इसके लिए कुख्यात है। यहां तक कि न्यूयार्क टाइम्स भी उसके बारे में यह खबर छाप चुका है कि वह किस तरह एक दरगाह के संचालक अपने भाई मियां शमां की मदद से वह अगवा की गई हिंदुओं लड़कियों को जबरन मुसलमान बनाता है और फिर उनका निकाह किसी मुसलमान लड़के से करा देता है। इस सप्ताह घोटकी जिले की हिंदू लड़की निशा को मियां मिट्ठू के भाई पीर मियां शमां की ओर से संचालित दरगाह में ही मुसलमान बनाया गया। यह दरगाह भरंचडी शरीफ के तौर पर जानी जाती है, लेकिन इलाके में इसकी पहचान एक ऐसी दरगाह के तौर पर है जहां हिंदू लड़कियों को जबरन मुसलमान बनाया जाता है।

सिंध के घोटकी जिले के भरचंडी इलाके में स्थित दरगाह के जबरन धर्मांतरण को लेकर चर्चा में आने पर कुछ साल पहले न्यूयार्क टाइम्स के संवाददाता ने मियां मिट्ठू और उसके भाई पीर मियां शमां से मुलाकात की थी। दोनों ने हिंदू लड़कियों को जबरन मुसलमान बनाने से इन्कार किया था, लेकिन यह दावा किया था कि वे अब तक 200 हिंदू लड़कियों को उनकी कथित मर्जी से मुसलमान बनाकर उनका निकाह करा चुके हैं। इस संवाददाता से खुद पाकिस्तान मानवाधिकार आय़ोग ने यह माना था कि हर महीने करीब 20 हिंदू लड़कियां अगवा की जाती हैं।

मियां मिट्ठू की ताकत का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि क्रिकेटर से नेता बने इमरान खान से उसे अपनी पार्टी में शामिल कर लिया है। वह उनकी पार्टी से अगला चुनाव लड़ने जा रहा है। एक बार हिंदुओं के विरोध पर इमरान उसे अपनी पार्टी-तहरीके इंसाफ में शामिल करने से पीछे हट गए थे, लेकिन कुछ दिनों पहले उन्होंने उसे अपना लिया। इसके बाद से सिंध के हिंदू और ज्यादा खौफजदा हैं। यह मियां मिट्ठू के खौफ का ही नतीजा है कि उसका भाई खुलेआम यह कह चुका है कि उसका मकसद कम से कम दो हजार हिंदू लड़कियों को मुसलमान बनाना है। घोटकी के लोग इस ऐलान से अच्छी तरह अवगत हैं। सिंध में हिंदू लड़कियों को जबरन मुसलमान बनाने के मामले में भरचंडी शरीफ दरगाह की भूमिका के बारे में पाकिस्तान के अखबार भी कभी-कभार पर लिखते रहे हैं।

पिछले साल वहां के अंग्रेजी दैनिक द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के 19 जून के अंक में कमाल सिद्दिकी ने व्हाट ए शेम शीर्षक से लिखा था, “बीते तीन साल में भरचंडी शरीफ दरगाह में 150 से ज्यादा असहाय हिंदू लड़कियों को जबरन मुसलमान बनाया गया है। एक बार लड़की अगवा हो जाए तो फिर सब कुछ ड्रामा होता है। लड़की के मां-बाप इधर-उधर दौड़ते हैं। गुहार लगाते हैं। जब तक थाने में रपट लिखी जाती है तब तक दरगाह का पीर लड़की के मुसलमान बन जाने और निकाह कर लेने का सर्टिफिकेट जारी कर देता है।“

कमाल सिद्दिकी के मुताबिक सिंध में हिंदू लड़कियों को अगवा करने का धंधा इतना तेज हो गया है कि अधिकांश मां-बाप उन्हें स्कूल ही नहीं भेज रहे हैं। 

Posted By: Sachin Bajpai