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    Cyclone Ditwah: फ्लाइट कैंसिल, स्कूल बंद, बनाए गए शेल्टर... तूफान की दस्तक से पहले तैयारियां पूरी

    Updated: Sat, 29 Nov 2025 11:36 PM (IST)

    चक्रवात दितवाह श्रीलंका में तबाही मचाने के बाद भारत की ओर बढ़ रहा है, जिससे तमिलनाडु और पुडुचेरी में हाई अलर्ट जारी किया गया है। श्रीलंका में मरने वालों की संख्या 153 तक पहुंच गई है। भारत ने 'ऑपरेशन सागर बंधु' के तहत राहत कार्यों में तेजी दिखाई है। मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी दी है और सरकार ने शिविर स्थापित किए हैं।

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    भारत की ओर बढ़ रहा चक्रवात दितवाह। (रॉयटर्स)

    जागरण न्यूज, नई दिल्ली : श्रीलंका में तबाही मचाने के बाद चक्रवात दितवाह भारत की ओर बढ़ रहा है। इसके मद्देनजर तमिलनाडु और पुडुचेरी में हाई अलर्ट जारी किया गया है। कुछ जगह अत्यधिक तेज बारिश की आशंका है। वैसे तटीय राज्यों में पहले से ही तेज हवाएं चल रही हैं और कई जगह बारिश भी हो चुकी है। इस बीच श्रीलंका में दितवाह के प्रकोप से मरने वालों की संख्या 153 पर पहुंच गई है। राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी हैं।

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    भारत ने भी मुश्किल वक्त में सबसे पहले पड़ोसियों का हाथ थामने की अपनी छवि के अनुरूप ऑपरेशन सागर बंधु चलाते हुए राहत कार्यों में अपनी पूरी ताकत झोंकी दी है। भारत नौसेना और वायुसेना अभियान में जुटी हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी) ने शनिवार को चक्रवात के मद्देनजर तमिलनाडु और पुडुचेरी के कुछ हिस्सों में रेड अलर्ट जारी किया।

    आइएमडी ने कडलूर, नागापट्टिनम, मयिलादुथुरै, विलुप्पुरम, चेंगलपट्टू जिलों और पुडुचेरी-कारैकल क्षेत्र में अत्यधिक बारिश की चेतावनी दी है। तमिलनाडु के थूथुकुडी जिले में समुद्र में असामान्य हलचल देखी जा रही है। समुद्र के तल से समुद्री शैवाल और अन्य वनस्पति बड़ी मात्रा में किनारे पर आ रही हैं। प्रशासन ने भारी वर्षा और समुद्री हलचल के कारण जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है और तटीय क्षेत्रों में जाने से बचने को कहा है।

    चक्रवात की वजह से कई फ्लाइट्स कैंसिल 

    आइएमडी ने बताया कि चक्रवात कल उत्तर तमिलनाडु, पुडुचेरी और दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटों के निकट पहुंच जाएगा। इस बीच, तमिलनाडु सरकार ने राज्य भर में 6000 शिविर स्थापित किए हैं। इसके अलावा तटीय क्षेत्रों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की 28 टीमें तैनात की गई हैं। इस बीच, चेन्नई एयरपोर्ट अथॉरिटी ने 54 शेड्यूल्ड फ्लाइट्स कैंसिल करने की घोषणा की है। उधर, दुबई से श्रीलंका होते हुए भारत आ रहे करीब 300 यात्री, जिनमें करीब 150 तमिल भी शामिल हैं, पिछले तीन दिनों से कोलंबो के एयरपोर्ट पर फंसे हुए हैं।

    चक्रवात की वजह से चेन्नई जाने वाली कई फ्लाइट्स कैंसिल करनी पड़ी हैं। यात्रियों ने आरोप लगाया कि उन्हें ठीक से खाना, पानी और बेसिक सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं। इस बीच भारत ने कोलंबों में आपातकालीन सहायता डेस्क भी बनाई है।

    भारत ने चलाया ऑपरेशन सागर बंधु, राहत-बचाव में उतरीं भारतीय नौसेना-वायुसेना

    भारत ने चक्रवात प्रभावित मित्र पड़ोसी देश श्रीलंका की मदद के लिए ऑपरेशन सागर बंधु चलाकर राहत सामग्री की मदद भेजने के साथ ही भारतीय वायुसेना और भारतीय नौसना के कर्मियों को भी राहत-बचाव कार्यों के लिए उतार दिया है।

    कोलंबो बंदरगाह पर खड़े भारतीय नौसेना के सबसे बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर आइएनएस विक्रांत से नौसेना के दो चेतक हेलीकाप्टर श्रीलंकाई वायुसेना के कर्मियों को साथ लेकर जहां चक्रवात दितवाह से तबाह इलाकों में लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए खोज और बचाव कार्य कर रहे हैं, वहीं भारतीय वायुसेना के विमानों ने 28 टन से अधिक तात्कालिक राहत सामग्री के साथ राहत बचाव कार्यों में विशेषज्ञ माने जाने वाले एनडीआरएफ के 80 बचाव कर्मियों के दल को श्रीलंका में उतार दिया है।

    श्रीलंका को पहुंचाई गई मानवीय मदद के संबंध में भारतीय वायुसेना ने बयान जारी कर शनिवार को कहा कि 28-29 नवंबर की रात को गाजियाबाद के हिंडन एयर बेस से तुरंत एक सी-130 और एक आइएल-76 विमान मदद सामग्री तथा बचाव कर्मियों के दल के साथ भेजा गया। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कोलंबो तट से आइएनएस विक्रांत से उड़ान भरते नौसेना के दो चेतक हेलीकाप्टरों की तस्वीर साझा करते हुए कहा कि आपरेशन सागर बंधु जारी है।

    पीएम नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को ही ऑपरेशन सागर बंधु के तहत त्वरित मानवीय सहायता पहुंचाने की पहल शुरू किए जाने की जानकारी एक्स पर साझा करते हुए कहा था कि भारत की ने बरहुड फ‌र्स्ट पालिसी और विजन महासागार के हिसाब से भारत जरूरत के समय में श्रीलंका के साथ मजबूती से खड़ा है। श्रीलंका पक्ष-विपक्ष सभी नेताओं ने भारतीय मानवीय सहायता की सराहना करते हुए आभार जताया है।

    श्रीलंका में 191 अभी भी लापता, पांच लाख से अधिक प्रभावित

    श्रीलंकाई अधिकारियों के अनुसार, चक्रवाती आपदा के चलते डेढ़ सौ से अधिक लोगों की जान जा चुकी है जबकि 191 अन्य लापता हैं और देशभर में पांच लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। 15,000 से अधिक घर नष्ट हो चुके हैं। आपदा प्रबंधन केंद्र ने बताया कि 78,000 से अधिक लोगों को लगभग 800 राहत केंद्रों में स्थानांतरित किया गया है, जिनमें से अधिकांश स्कूलों में बनाए गए हैं।

    पुलिस, नौसेना के कर्मी और सेना के हजारों जवान भोजन वितरित कर रहे हैं, सड़कों को साफ कर रहे हैं और फंसे हुए परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहे हैं। मलवाना और कोलंबो के निकट अधिकांश घर पानी में डूब गए हैं। वहां के मौसम विभाग ने सप्ताहांत में बारिश जारी रहने की भविष्यवाणी की है, जिससे पहले से जलमग्न क्षेत्रों में और बाढ़ की आशंका बढ़ गई है।