चक्रवात दितवाह के कारण तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश, तीन लोगों की मौत; फसलों को भारी नुकसान
चक्रवात 'दितवाह' के चलते तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश हुई है। इस आपदा में तीन लोगों की जान चली गई और फसलों को भारी नुकसान हुआ है। तमिलनाडु के कई जिलों में जलभराव हुआ और आंध्र प्रदेश में तेज हवाओं से फसलें बर्बाद हो गईं। दोनों राज्यों की सरकारों ने मृतकों के प्रति शोक व्यक्त किया है।
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चक्रवात दितवाह। (पीटीआई)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। श्रीलंका में तबाही मचाने के बाद चक्रवात भारत के बेहद करीब पहुंच गया है। तमिलनाडु और आंध्र में बारिश हो रही है। बारिश से संबंधित घटनाओं में तमिलनाडु में तीन लोगों की मौत हो गई है और फसलों को भारी नुकसान हुआ है।
राज्य के मंत्री केकेएसएसआर रामचंद्रन ने रविवार को बताया कि तुतुकुडी और तंजावुर में दीवार गिरने से दो व्यक्तियों की मौत हुई, जबकि 20 वर्षीय युवक की मौत मयिलादुथुरै में करंट लगने से हुई। 57,000 हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित हुई है।
तमिलनाडु और पुडुचेरी में आपातकालीन तैयारियों के लिए एनडीआरएफ की 6वीं बटालियन की पांच टीमों को रविवार को वडोदरा से चेन्नई एयरलिफ्ट किया गया है। 'दितवाह' के कारण उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, जिसमें अगले दो दिनों में 35-45 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की संभावना है।
यमन ने दिया है 'दितवाह' नाम
यमन ने इस चक्रवात को दितवाह नाम दिया है। यह एक अरबी शब्द है। दितवाह का अर्थ खारे पानी की झील होता है। असल में यमन के पास एक सोकोटरा नामक द्वीप है। वहां एक पानी की झील है और उसका नाम है दितवाह। उसी के नाम पर इस चक्रवात का नामकरण हुआ।
मौसम कार्यालय ने कहा कि चक्रवात कडलूर के दक्षिण-पूर्व में लगभग 90 किलोमीटर, कराईकल के उत्तर-पूर्व में 120 किलोमीटर, पुडुचेरी के दक्षिण-पूर्व में 90 किलोमीटर, वेदरण्यम के उत्तर-पूर्व में 170 किलोमीटर और चेन्नई के दक्षिण-पूर्व में 150 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। हालांकि दितवाह के कमजोर पड़ने की संभावना है।
यह रविवार की मध्यरात्रि तक यह दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर उत्तर तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटों से 30 किलोमीटर की न्यूनतम दूरी पर पहुंच सकता है।
श्रीलंका से 400 भारतीय यात्री स्वदेश लौटे
श्रीलंका में दितवाह के प्रकोप से मरने वालों की संख्या 334 हो गई है और 370 लोग लापता हैं। व्यापक तबाही के बाद श्रीलंका में आपातकाल की घोषणा की गई है। श्रीलंका में चक्रवात 'दितवाह' प्रभावित श्रीलंका में बेहद खराब मौसम के कारण कोलंबो हवाईअड्डे पर फंसे 400 भारतीय नागरिक को रविवार को स्वदेश लौटे।
इनमें से 150 यात्रियों को सी 130 उड़ान से दिल्ली भेजा गया, जबकि 250 यात्रियों को आइएल 76 उड़ान से त्रिवेंद्रम रवाना किया गया। दोनों विमान शनिवार को श्रीलंका में पीड़ितों के लिए खाना और मानवीय मदद लेकर पहुंचे थे। भारतीय उच्चायोग ने मदद के लिए आपातकालीन नंबर जारी किया है।
भारत ने थाम रखा है मुश्किल में फंसे पड़ोसी का हाथ
भारत ने मुश्किल वक्त में पड़ोसी का हाथ थाम रखा है और ऑपरेशन सागर बंधु चलाते हुए राहत कार्यों में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। भारतीय नौसेना और वायुसेना अभियान में जुटी हैं। एएनआइ के अनुसार भारतीय वायुसेना का सी- 130जे राहत और बचाव में मदद के लिए कोलंबो पहुंचा।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने श्रीलंका में चल रहे राहत कार्यों में एनडीआरएफ कर्मियों और श्रीलंकाई अधिकारियों के बीच करीबी तालमेल पर जोर दिया। भारतीय वायुसेना ने श्रीलंका में भारत की चल रही राहत मदद के हिस्से के तौर पर कोलंबो में एमआइ-17 वी5 हेलीकाप्टर तैनात किए हैं। अब तक भारत ने कोलंबो में 27 टन राहत सामग्री पहुंचाई है।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)

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