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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 10, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Cyclone Bulbul Live Update: चक्रवात 'बुलबुल' का कहर, दो की मौत; इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

By Sanjeev TiwariEdited By:
Published: Sun, 10 Nov 2019 07:32 AM (IST)Updated: Sun, 10 Nov 2019 11:56 AM (IST)

Cyclone Bulbul Live Update बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवात बुलबुल ओडिशा से पश्चिम बंगाल की ओर बढ़ गया है। ...और पढ़ें

Cyclone Bulbul Live Update: चक्रवात 'बुलबुल' का कहर, दो की मौत; इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी
Cyclone Bulbul Live Update: चक्रवात 'बुलबुल' का कहर, दो की मौत; इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

नई दिल्ली, एजेंसी । चक्रवाती तूफान बुलबुल ने पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्र पर अपनी दस्तक दे दी है। इसके चलते पश्चिम बंगाल में जगह-जगह बारिश हो रही है और तेज हवाएं चल रही हैं। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल चक्रवात का दबाव सुंदरबन नेशनल पार्क से 12 किमी दक्षिण पश्चिम की ओर पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के तटीय इलाकों पर बना हुआ है।

तटीय बांग्लादेश और इससे सटे दक्षिण और उत्तर 24 परगना जिले तक पहुंचते-पहुंचते तूफान कमजोर पड़ सकता है। वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अभी तक दो लोगों की मौत होने की संभावना जताई जा रही है। दूसरी ओर प्रशासन की तरफ से राहत और बचाव कार्य युद्ध-स्तर पर चल रहा है। लाखों को प्रभावित इलाकों से निकालकर राहत शिविर में पहुंचाया गया है। 

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि वे खुद स्थिति की निगरानी कर रही हैं और बुलबुल तूफान से लड़ने के लिए प्रशासन इंतजाम कर रहा है। उन्होंने नागरिकों से शांति कायम रखने और परेशान न होने का आग्रह किया है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि स्कूल कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रखे गए और तटीय क्षेत्रों के 1.2 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने तूफान बुलबुल के मद्देनजर पश्चिम बंगाल की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बातचीत की। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को केंद्र की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।

बांग्लादेश पहुंचा तूफान, लाखों लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया

बांग्लादेश में चक्रवाती तूफान बुलबुल के आने के कारण लाखों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बांग्लादेश के कनिष्ठ आपदा प्रबंधन मंत्री एनामुर रहमान ने बताया कि 18 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया। शनिवार सुबह तक 5,000 से अधिक आश्रयगृह तैयार किए गए थे। चक्रवात के कारण 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चली जबकि तट पार करने के बाद इसके कमजोर पड़ने की संभावना है। चक्रवात गंगासागर के किनारे टकराया और यह खुलना क्षेत्र से होकर गुजरेगा जिसमें सुंदरवन भी आता है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए बांग्लादेश की नौसेना और तटरक्षक बल को तैयार रखा गया है।

बता दें, अगले 6 घंटो के दौरान पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के तटों पर समुद्र में हाइटाइड आएंगे। बंगाल की खाड़ी के उत्तर पश्चिम में समुद्र में स्थिति काफी गंभीर रहेगी। इसके बाद इसमें धीरे-धीरे सुधार होगा। मौसम विभाग ने मछुआरों को अगले 12 घंटों के दौरान उत्तर ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों पर समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। इसी के साथ अगले 18 घंटे के लिए बंगाल की उत्तरी खाड़ी में भी न जाने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही अगले 36 घंटों में मेघालय, मिजोरम और असम में हल्की बारिश होने की संभावना है।

अोडिशा में 11 मछुआरे लापता, एक नाविक की मौत

वहीं अोडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में चक्रवात बुलबुल का प्रभाव भले ही न के बराबर हो, लेकिन प्रदेश के तटीय जिलों में इसका खासा प्रभाव देखने को मिला। भद्रक जिले के तालचुआए में समुद्र में गिर जाने से मयुरभंज जिले के उदला निवासी लाल मोहन सिंह नाम के नाविक की मौत हो गई। वहीं, धामरा बंदरगाह के कालीनाली में मछली पकड़ने वाली नाव के डूब जाने से उसपर सवार 11 मछुआरे लापता हो गए। उनकी तलाश की जा रही है।

हालांकि सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मछुआरे तैर कर बाहर निकल गए हैं। वहीं, बंगाल की ओर तेजी से आगे बढ़ रहे चक्रवात ने असर दिखाना शुरू कर दिया है। शुक्रवार की शाम से ही शुरू हुई बारिश शनिवार को भी जारी रही। इसका असर विमान सेवा पर भी पड़ा। ऐसे में नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय (एनएससीबीआइ) हवाई अड्डा प्रबंधन की मानें तो शनिवार शाम छह बजे से अगले दिन यानी रविवार छह बजे तक हवाई अड्डा बंद रहेगा। इस दौरान यहां से कोई विमान उड़ान नहीं भरेगा। उधर, खराब मौसम और कम रोशनी के चलते एनएससीबीआइ हवाई अड्डे से इंडिगो एयरलाइंस ने शनिवार की सुबह 11 बजे के बाद से उड़ान भरने वाली अपनी 23 उड़ानों को रद कर दिया।

इसमें कोलकाता से रांची, पटना, दिल्ली, चेन्नई, मुंबई और पुणे आदि को जाने वाली विमान शामिल है। वहीं, अन्य विमानों ने विलंब से उड़ान भरी। चक्रवात बुलबुल से निपटने को नौसेना तैयार : प्रचंड चक्रवात बुलबुल के प्रभाव से होने वाले किसी भी तरह की आपदा से निपटने के लिए भारतीय नौसेना पूरी तरह तैयार है। नौसेना ने अपने विमानों और राहत सामग्री भरे तीन जहाजों को तैयार रखा है।

रक्षा मंत्रालय की ओर से एक बयान में बताया गया कि पूर्वी नौसेना कमान बंगाल की ओर तेज गति से बढ़ रहे बुलबुल तूफान पर करीब से नजर बनाए हुए है। नौसेना की ओर से चक्रवाती तूफान को देखते मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की चेतावनी के साथ उन्हें करीबी बंदरगाहों व अन्य जगहों पर आश्रय लेने की भी सलाह दी गई है।