नई दिल्ली, अनुराग मिश्र। अनलॉक होने के बाद साइबर अपराध की घटनाएं बढ़ी हैं। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने भी साइबर अपराधों को लेकर एडवाइजरी की है। केंद्रीय बैंक ने इस बारे में एक बयान जारी किया है। इसके मुताबिक, हाल के दिनों में साइबर फ्रॉड के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। ठगों ने भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बनाया है। यह ठगी कभी केवाईसी की जरूरतों को पूरा करने के नाम पर होती है, तो कभी लालच देकर ऐसा किया जाता है।

साइबर एक्सपर्ट पवन दुग्गल के अनुसार, अधिकांश कंपनियों के पास घर से काम के लिहाज से पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं हैं। यहां पर मजबूत फ्रेमवर्क नहीं है और मजबूत डाटा प्रोटेक्शन कानून भी नहीं है। ऐसे में चुनौती काफी बढ़ जाती है। एक तरफ जहां उपभोक्ताओं के सामने खुद का डाटा बचाने का चैलेंज है, तो दूसरी तरफ कंपनी के डाटा को भी संरक्षित रखना है। इसमें कोई दो राय नहीं कि मौजूदा समय में साइबर सेंध बढ़ी है। ऐसे हालात में सिर्फ आईटी सेक्टर के कर्मचारी ही नहीं, बल्कि आम कर्मचारियों को भी अपनी साइबर सुरक्षा पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

एसबीआई ने ट्विटर पर दी जानकारी

एसबीआई ने ट्विटर पर एक पोस्ट साझा किया है। इसमें उसने ग्राहकों से अलर्ट रहने के लिए कहा है। एसबीआई ने ट्वीट में लिखा, ''सावधान, हमें ऐसी जानकारी मिली है कि भारत के प्रमुख शहरों में साइबर हमले होने वाले हैं। लोगों को ncov2019@gov.in से आने वाले ईमेल पर क्लिक करने से बचना चाहिए। इसके सब्जेट 'फ्री कोविड-19 टेस्ट' दिया गया है। इस पर कतई क्लिक न करें। ट्वीट में एसबीआई ने बताया कि साइबर अपराधियों ने करीब 20 लाख भारतीयों की ईमेल आईडी चुरा ली है। ये हैकर ई-मेल आईडी ncov2019@gov.in से लोगों का मुफ्त में कोरोना टेस्ट करने के नाम पर उनकी पर्सनल और बैंकिंग जानकारी हासिल कर रहे हैं। एसबीआई ने खासतौर से दिल्ली, मुंबई, चेन्नई हैदराबाद और अहमदाबाद के लोगों को फर्जी ई-मेल को लेकर सावधान रहने को कहा है।

इस तरह के अकाउंट पर अधिक खतरा

आजकल हैकर्स का नया ठिकाना फेसबुक हो गया है। हैकर्स सबसे पहले उन यूजर्स की लिस्ट बनाते हैं, जिनका अकाउंट मोबाइल नंबर से बनाया गया है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि जिन लोगों ने मोबाइल नंबर से अकाउंट बनाया, उनमें से अधिकतर लोगों ने पासवर्ड में भी मोबाइल नंबर ही डाल रखा है। इसका फायदा हैकर्स उठा रहे हैं। मोबाइल नंबर की मदद से वे फेसबुक अकाउंट में लॉगिन कर रहे हैं और फिर आपके परिवार के सदस्यों और करीबों लोगों को मैसेज करके पैसे मांग रहे हैं। ये हैकर्स आपके जानने वालों को मैसेज करके कहते हैं कि आपका या आपके किसी बहुत ही करीबी दोस्त का एक्सिडेंट हो गया है और उसके इलाज के लिए आपको पैसे चाहिए। ऐसे में लोगों के पास आपकी आईडी से मैसेज जा रहा है, जबकि आपने कोई मैसेज ही नहीं भेजा है।

सुरक्षा में वीपीएन अहम

एकेएस आईटी सर्विसेज के मैनेजिंग डायरेक्टर आशीष सक्सेना कहते हैं कि सबसे प्राथमिक बात है कि कोरोना वायरस से जुड़े किसी भी लिंक पर क्लिक सोच-समझकर ही करें। किसी भी मुफ्त या सस्ती चीजों के बहकावे में न आएं। घर से ऑफिस का काम करते हैं तो फायरवेल में वीपीएन कांफीग्योर जरूर करें। वीपीएन से सिक्योरिटी काफी बढ़ जाती है। इसका बड़ा फायदा है कि इससे जो लोग जुड़े हैं, वहीं इसका एक्सेस कर सकेंगे।

पासवर्ड में रखें एहतियात

एकेएस आईटी सर्विसेज के डायरेक्टर आशीष सक्सेना के मुताबिक, मजबूत पासवर्ड बनाने की सारी शर्तों का पालन करें। जिन पासवर्ड को लंबे समय से बदला न हो उनको जरूर बदल लें।

ध्यान में रखें ये टिप्स

साइबर एक्सपर्ट पवन दुग्गल कहते हैं कि कई बार हैकर आपकी कंपनी के नाम, एचआर के फेक मेल के आधार पर भी हैकिंग कर सकता है। ऐसे में जरा सी भी संदेह होने पर खुद को पुख्ता करें। हैकिंग के दौरान वह आपसे अटैचमेंट को क्लिक करने को बोल सकते हैं। वह कहते हैं कि सभी ई-मेल का डोमेन नाम, स्पेलिंग इरर और यूआरएल चेक कर लें। कौन से एप डाउनलोड और इंस्टाल कर रहे हैं, उस पर गौर करें। मजबूत पासवर्ड और फायरवॉल, कंप्यूर में किसी भी असामान्य गतिविधि और किसी अंजान मेल पर क्लिक करने से बचें। अपने मोबाइल फोन में भी एंटी वायरस का प्रयोग करें।

-सोशल मीडिया पर किसी अनचाहे ईमेल, एसएमएस या मैसेज में दिए अटैचमेंट को खोलने या क्लिक करने से बचें।

-अगर भेजने वाले का पता भी हो, तो अटैचमेंट को खोलने में ज्यादा सावधानी का ध्यान रखें।

-ईमेल, वेबसाइट में वर्तनी की गलती और अज्ञात ईमेल भेजने वालों से सावधान रहें।

-जिन वेबसाइट या लिंक को लेकर जानकारी नहीं हो, वहां निजी वित्तीय डीटेल्स को सबमिट नहीं करें।

-ऐसे ईमेल या लिंक से सावधान रहें, जो खास ऑफर के साथ हो, जैसे- कोविड-19 टेस्टिंग, कोविड-19 मदद, इनामी राशि, कैशबैक ऑफर्स आदि।

Edited By: Vineet Sharan