बम की झूठी धमकियों के खिलाफ सरकार सख्त, पकड़े जाने पर लगेगा तगड़ा जुर्माना; नियमों में हुआ संशोधन
एयरलाइनों को निशाना बनाकर हाल ही में दी गई बम की धमकियों को देखते हुए सरकार ने विमान सुरक्षा नियमों में संशोधन किया है। ऐसे मामलों में अब सजा के तौर पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है और विमान में प्रवेश करने से भी रोका जा सकता है। अक्टूबर में एयरलाइनों को 666 धमकियां मिलीं जबकि इस साल 14 नवंबर तक 999 धमकियां मिली थीं।
पीटीआई, नई दिल्ली। विमानों में बम की झूठी धमकी देना अब महंगा पड़ेगा। ऐसे लोगों पर सजा के तौर पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है और विमान में प्रवेश करने से भी रोका जा सकता है।
एयरलाइनों को निशाना बनाकर हाल ही में दी गई बम की धमकियों को देखते हुए सरकार ने विमान सुरक्षा नियमों में संशोधन किया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने विमान (सुरक्षा) नियम, 2023 में संशोधन करते हुए दो नए नियम-29ए और 30ए पेश किए हैं।
विमान में प्रवेश से मना करने का अधिकार
संशोधित नियमों के तहत अब नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) के महानिदेशक को किसी भी व्यक्ति या व्यक्तियों के समूह को विमान में प्रवेश देने से मना करने का अधिकार होगा। महानिदेशक किसी भी व्यक्ति या व्यक्तियों के समूह को विमान छोड़ने का निर्देश भी दे सकते हैं।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर में एयरलाइनों को 666 धमकियां मिलीं, जबकि इस साल 14 नवंबर तक ऐसी धमकियों की संख्या 999 थी। यदि महानिदेशक को लगता है कि सुरक्षा के हित में यह आवश्यक है, तो नियम 29ए के तहत लिखित रूप में निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
एक लाख रुपये तक लगेगा जुर्माना
नियम 30ए ऐसी झूठी सूचना के प्रसार पर रोक लगाने से संबंधित है, जो किसी विमान, हवाई अड्डे या दोनों की सुरक्षा को खतरे में डाल सकती है। नए नियमों के तहत अपराधियों पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
नौ दिसंबर को जारी अधिसूचना में कहा गया है कि यह प्रतिबंध ऐसी गलत सूचना फैलाने पर भी लगाया गया है, जिससे यात्रियों, चालक दल और ग्राउंड कर्मियों या आम जनता में घबराहट पैदा हो सकती है या विमान परिचालन में बाधा उत्पन्न हो सकती है।
नो-फ्लाई लिस्ट की भी उठी बात
सरीन एंड कंपनी के मैनेजिंग पार्टनर नितिन सरीन ने कहा कि नियमों में संशोधन एयरलाइनों को मिली बम की फर्जी धमकियों की पृष्ठभूमि में किया गया है। संशोधित नियमों में ऐसे लोगों को नो-फ्लाई लिस्ट में डालने का कोई विशेष उल्लेख नहीं है।
हालांकि, नियम 29ए बीसीएएस के महानिदेशक को ऐसे व्यक्ति को विमान में चढ़ने से मना करने की शक्ति देता है। सरीन एंड कंपनी विमानन क्षेत्र में विशेषज्ञता वाली एक कानूनी फर्म है।
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