विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 28, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मीडिया से डाक्टरों की अपील : सच भी दिखाएं और खौफ पैदा करने से भी बचें

By Sanjeev TiwariEdited By:
Published: Wed, 28 Apr 2021 10:11 PM (IST)Updated: Thu, 29 Apr 2021 07:02 AM (IST)

Corona Pandemic in India देश के मानसिक रोग से जुड़े नामी चिकित्सकों ने मीडिया से की अपील लिखा खुला पत्र। ...और पढ़ें

मीडिया जागरूक और बचाव करने वाली चीजें ही दिखाएं (फाइल फोटो)
मीडिया जागरूक और बचाव करने वाली चीजें ही दिखाएं (फाइल फोटो)

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली।  अस्पतालों में पर्याप्त बेड, दवाईयां और ऑक्सीजन की कमी को लेकर उभरे डर और दहशत के बीच मनोरोग से जुड़े देश के नामी चिकित्सक भी सामने आए हैं। उन्होंने मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए मीडिया को एक खुला पत्र लिखा है। साथ ही कहा है कि वह ऐसे कठिन समय में डर और खौफ पैदा करने वाले कवरेज से परहेज करें। हालांकि इन चिकित्सकों का कहना है कि इसका आशय यह कतई नहीं है कि वह सच्चाई को न दिखाएं।

कुल चार डाॅक्टरों ने की मीडिया से अपील

मनोरोग से जुड़े इन चिकित्सकों में इंडियन साइकेटि्क्स सोसाइटी के अध्यक्ष गौतम साहा, एम्स दिल्ली के मनोरोग विभाग के प्रोफेसर राजेश सागर सहित कुल चार चिकित्सक शामिल हैं। इन चिकित्सकों ने मीडिया को लिखे अपने पत्र में कहा है कि मौजूदा समय में टीवी चैनेलों पर लगातार कोरोना से लोगों की मौत के दृश्य दिखाए जा रहे हैं।

खबरों से पैदा हो रही दहशत

इनमें कोरोना से मरने वालों की चिताओं को जलते हुए, लोगों को ऑक्सीजन के लिए चीखते-चिल्लाते आदि दिखाया जा रहा है। इन्हें देखने के बाद संकट के इस समय में घरों में बैठे लोगों में दहशत पैदा हो रही है। आइसोलेशन, लाॅकडाउन व अन्य कारणों से लोग पहले ही अवसाद में हैं।

संक्रमित होने वाले ना घबराएं

ऐसे में पूरी निर्भरता टीवी, सोशल मीडिया और समाचारपत्रों पर होती है। लेकिन इनसे जिस तरह की खबरें मिलती हैं उससे और ज्यादा डर पैदा होता है। जो लोग अभी भी पाॅजिटिव आते हैं और सामान्य संक्रमण के शिकार होते हैं वह भी घबराने लगते हैं। जिसके कारण कई बार उनकी तबीयत बिगड़ती है। लिहाजा मीडिया से अपील है कि वह सच्चाई दिखाएं लेकिन उसे इस तरह पेश करें कि कमियां दूर होने के साथ साथ लोगों में इससे लड़ने की भावना ज्यादा प्रबल हो।