बस को भी उड़ा सकता था मंगलुरु विस्फोट में इस्तेमाल किया गया कुकर बम, NIA ने की जांच शुरू
मंगलुरु में आटो रिक्शा में विस्फोट के लिए इस्तेमाल किया गया प्रेशर कुकर बम को लेकर एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। दरअसल इस विस्फोट में जिस बम का प्रयोग किया गया था वो एक बस को भी उड़ा सकती थी।

बेंगलुरु, एजेंसी। मंगलुरु में ऑटो रिक्शा में विस्फोट के लिए इस्तेमाल किया गया प्रेशर कुकर बम बस को भी उड़ा सकता था। मंगलवार को जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई। इस मामले में पुलिस ने सोमवार को दो लोगों को पकड़ा था। सूत्रों के मुताबिक, प्रेशर कुकर में अत्यधिक शक्तिशाली जेल भरा हुआ था। इससे एक डेटोनेटर और प्लस व माइनस तारों को जोड़ने वाली यूनिट भी जुड़ी थी।
समाचार एजेंसी आइएएनएस के मुताबिक, जांच के दौरान पता चला कि तारों को जोड़ने वाली यूनिट के बंद होने से डेटोनेटर फेल हो गया। इससे जेल ने आग पकड़ ली और कम तीव्रता के विस्फोट के बाद ऑटो से घना धुआं निकलने लगा।
फारेंसिक विशेषज्ञों की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यदि कुकर बम अपनी पूरी क्षमता से फटता तो ऑटो सड़क पर मौजूद अन्य वाहनों को नुकसान पहुंचाते हुए कबाड़ में बदल जाता है। इससे जान-माल का भी नुकसान होता।
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एनआइए ने की जांच शुरू
कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा है कि एनआइए ने इस विस्फोट से राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय आतंकी समूहों के कनेक्शन की जांच शुरू कर दी है। इसमें कोई शक नहीं है कि हमें निशाना बनाया जा रहा है। हम इसको गंभीरता से ले रहे हैं। कर्नाटक पुलिस अब तक स्लीपर सेल से जुड़े 18 लोगों को पकड़ चुकी है और संदिग्ध आतंकियों को तिहाड़ जेल भेजा जा चुका है।
इसके बावजूद आतंकी नियंत्रण की कोशिश कर रहे हैं। आतंक फैलाने वाले पड़ोसी राज्यों के सहयोग से ऐसी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है। उन्होंने कहा कि मंगलुरु विस्फोट मामले में पकड़े गए संदिग्ध आतंकी का मूल नाम, उसके कनेक्शन और पहचान 24 घंटे के भीतर कर ली गई है।
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ऑटो चालक की सेहत में सुधार
मंगलुरु के पुलिस आयुक्त एन. शशिकुमार ने बताया कि ऑटो चालक पुरुषोत्तम पुजारी की सेहत में सुधार है।पुलिस आयुक्त ने मंगलवार को कांकानाडी अस्पताल में इलाज करा रहे संदिग्ध आतंकी मोहम्मद शरीक से भी मुलाकात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस सीसीटीवी फुटेज में दो व्यक्ति घूमते हुए पाए गए हैं, वह मामले से जुड़ा नहीं है। फुटेज में दिख रहे दोनों व्यक्ति आम यात्री हैं। शशिकुमार ने लोगों को सलाह दी है कि वह असत्यापित सूचना को इंटरनेट मीडिया पर साझा करने से बचें।
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