जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली । नोटबंदी की वजह से आर्थिक विकास दर में आयी गिरावट पर कांग्रेस ने सरकार पर प्रहार करते हुए उस पर आंकड़ों में हेरा-फेरी का आरोप लगाया है। पार्टी ने कहा कि वित्त वर्ष की आखिरी तिमाही में जीडीपी दर गिरकर 6.1 फीसद आने से पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की आशंका सच साबित हुई है। मनमोहन ने नोटबंदी की वजह से आर्थिक विकास दर में दो फीसद गिरावट का अनुमान जताया था। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने विकास दर घटने पर सरकार को आडे़ हाथ लेते हुए कहा है कि जीडीपी में गिरावट और नौकरियों में आ रही भारी कमी हकीकत है। इस हकीकत से लोगों का ध्यान बंटाने के लिए ही बाकी सारे विवादित मुद्दों को उछाला जा रहा है।

कांग्रेस नेता पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने जीडीपी के ताजा आंकड़ों पर टव्ीट करते हुए कहा कि अर्थव्यवस्था में गिरावट की शुरुआत तो जुलाई 2016 में ही हो गई थी। नोटबंदी ने इस स्थिति को और खराब कर दिया। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के समय जीडीपी में गिरावट डेढ़ फीसद तक की उनकी आशंका बिल्कुल सही साबित हुई है। चिदंबरम ने कहा कि वित्त वर्ष 2015-16 और 2016-17 की आखिरी तिमाही का आंकड़ा देखें तो जीडीपी में गिरावट 3.1 फीसद है।

राहुल और चिदंबरम के टव्ीट के बाद कांग्रेस प्रवक्ता डा अजय कुमार ने जीडीपी दर में गिरावट को देश के लिए बेहद चिंताजनक बताते हुए कहा कि सरकार ने गिरावट को कम से कम दिखाने के लिए आंकड़ों में हेरा-फेरी की पूरी कोशिश की है। इसके लिए थोक मूल्य सूचकांक के मानक वर्ष को बदला गया। कुमार ने कहा कि सरकार की इन कोशिशों के बावजूद जीडीपी में आखिरी तिमाही में गिरावट से साफ हो गया है कि अर्थव्यवस्था पनर नोटबंदी के प्रतिकूल असर होने की मनमोहन सिंह की आशंका सही साबित हुई है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि जीडीपी में गिरावट से स्पष्ट है कि आर्थिक मोर्चे पर सरकार के कुप्रबंधन का खामियाजा देश को उठाना पड़ रहा। विकास दर में गिरावट का दौर है, आईटी सेक्टर में मंदी है, नई नौकरियों का सृजन होना तो दूर हजारों की संख्या में लोगों की नौकरियां छीन रही है। मैन्यूफैक्चरिंग, सेवा क्षेत्र से लेकर औद्योगिक उत्पादन सभी में गिरावट है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि यूपीए ने मई 2014 में जिस आर्थिक विकास की गति पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सत्ता सौंपी थी आज जीडीपी की दर उससे भी नीचे आ चुकी है। उनका कहना था कि जीडीपी की मौजूदा विकास दर भी कृषि क्षेत्र के बेहतर नतीजे की वजह से है जिस पर सरकार या प्रधानमंत्री का बिल्कुल ध्यान नहीं है। प्रधानमंत्री पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि इससे साबित होता है कि पीएम जिस क्षेत्र में भी हाथ लगाते हैं वहां गिरावट तेजी से होती है। पार्टी ने कहा कि सरकार और पीएम के लिए बेहतर होगा कि वह प्रचार के आडंबर को छोड़ देश की आर्थिक सेहत को पटरी पर लाने के लिए अगले दो साल तक काम करें।

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