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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 19, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'सुप्रीम कोर्ट को कमजोर करने की कोशिश', निशिकांत दुबे के बयान को लेकर BJP पर भड़का विपक्ष

Published: Sat, 19 Apr 2025 11:27 PM (IST)Updated: Sat, 19 Apr 2025 11:28 PM (IST)

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भाजपा पर जानबूझकर सुप्रीम कोर्ट को निशाना बनाने का आरोप (फोटो: पीटीआई)
भाजपा पर जानबूझकर सुप्रीम कोर्ट को निशाना बनाने का आरोप (फोटो: पीटीआई)

HighLights

  1. शक्तियों को कमजोर करने की कोशिश का आरोप
  2. सलमान खुर्शीद ने भी साधा भाजपा पर निशाना
  3. द्रविड़ मुनेत्र कड़गम ने भी लगाए गंभीर आरोप

पीटीआई, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 की चल रही समीक्षा के बीच शनिवार को न्यायपालिका पर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की टिप्पणी से एक नया विवाद छिड़ गया है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भाजपा पर जानबूझकर सुप्रीम कोर्ट को निशाना बनाने और कमजोर करने का आरोप लगाया है।

केंद्र पर निशाना साधते हुए उन्होंने दावा किया कि संवैधानिक पदों पर बैठे लोग, मंत्री और भाजपा सांसद संस्था को कमजोर करने के प्रयास में सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ बोल रहे हैं। कांग्रेस केवल यही चाहती है कि सुप्रीम कोर्ट स्वतंत्र और तटस्थ तरीके से काम करे।

कोर्ट को निशाना बनाने का आरोप

रमेश ने कहा, 'संविधान द्वारा सुप्रीम कोर्ट को दी गई शक्तियों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट सिर्फ इतना कह रहा है कि कानून बनाते समय संविधान के मूल ढांचे के खिलाफ मत जाओ। इसको निशाना बनाने के लिए जानबूझकर अलग-अलग आवाजें उठ रही हैं।'

उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने चुनावी बांड, वक्फ कानून के बारे में बात की है और चुनाव आयोग का मुद्दा उसके समक्ष लंबित है।' अधिवक्ता एवं कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने भी सुप्रीम कोर्ट पर दिए गए भाजपा नेता निशिकांत दुबे के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि न्याय व्यवस्था में अंतिम फैसला सरकार का नहीं, बल्कि सुप्रीम कोर्ट का होता है।

द्रमुख ने भी की आलोचना

  • खुर्शीद ने कहा, 'यह बहुत दुख की बात है कि अगर कोई सांसद सुप्रीम कोर्ट या किसी भी अदालत पर सवाल उठाता है। हमारी न्याय व्यवस्था में अंतिम फैसला सरकार का नहीं, बल्कि सुप्रीम कोर्ट का होता है। अगर कोई इसे नहीं समझता है, तो यह बहुत दुख की बात है।'
  • द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) नेता टीकेएस एलंगोवन ने भाजपा की आलोचना करते हुए कहा कि पार्टी सभी कानूनों के खिलाफ काम कर रही है। उन्होंने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट देश के कानूनों की रक्षा के लिए है। सरकार बर्बर है क्योंकि वे किसी भी कानून का सम्मान नहीं करते हैं। वे जो चाहे करते हैं और संविधान के प्रविधानों को बदलने की कोशिश करते हैं।'

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