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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 30, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पहलगाम हमले को लेकर कांग्रेस ने अपने नेताओं की दी नसीहत, बोली- गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी से बचें

Published: Wed, 30 Apr 2025 12:45 AM (IST)

पहलगाम आतंकी हमले के बाद कांग्रेस ने अपने नेताओं को सार्वजनिक बयानों को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। महासचिव ...और पढ़ें

पहलगाम हमले पर कांग्रेस का संयम बरतने का निर्देश, बयानबाज़ी पर लगाम लगाने की नसीहत।
पहलगाम हमले पर कांग्रेस का संयम बरतने का निर्देश, बयानबाज़ी पर लगाम लगाने की नसीहत।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद देशभर में सियासी और सामाजिक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। ऐसे संवेदनशील मौके पर कांग्रेस पार्टी ने अपने नेताओं और पदाधिकारियों के लिए सख्त दिशानिर्देश जारी किए हैं। पार्टी की ओर से यह कदम उठाया गया है ताकि किसी भी तरह की गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी से बचा जा सके और एकजुटता के साथ पार्टी की आधिकारिक पोजिशन पेश की जा सके।

कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल की ओर से इस संबंध में एक सर्कुलर जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि पार्टी के सभी पदाधिकारी अनुशासन का पूरा पालन करें और सार्वजनिक बयानबाजी में एकरूपता बरतें।

बयान सिर्फ आधिकारिक रुख के मुताबिक हो

सर्कुलर में साफ तौर पर कहा गया है कि पार्टी की तरफ से बयान देने के लिए केवल अधिकृत व्यक्ति ही आगे आएं और वे भी केवल कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) द्वारा 24 अप्रैल 2025 को पारित प्रस्ताव में दर्ज पार्टी के रुख तक ही सीमित रहें।

कांग्रेस ने चेताया है कि इस आदेश का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी और इसमें किसी तरह की छूट नहीं दी जाएगी। पार्टी ने अपने सभी नेताओं को याद दिलाया है कि ऐसे नाजुक मौकों पर संयम और शालीनता बनाए रखना जरूरी है, जो कि कांग्रेस की पुरानी परंपरा और उसूलों का हिस्सा है।

संयम और जिम्मेदारी जरूरी: कांग्रेस

सर्कुलर में आगे कहा गया है, "आइए हम कांग्रेस पार्टी के मूल्यों और रवायतों को ध्यान में रखते हुए एकजुट होकर देश के सामने गरिमा और समझदारी का परिचय दें, जिसकी अपेक्षा इस वक़्त मुल्क को हमसे है।"

गौरतलब है कि इस तरह की हिदायतें ऐसे समय में दी गई हैं जब आतंकवाद को लेकर सियासी बयानबाज़ी तेज़ हो जाती है, जिससे भ्रम और सियासी तनाव बढ़ सकता है। कांग्रेस का यह कदम जिम्मेदार राजनीतिक व्यवहार को बढ़ावा देने के रूप में देखा जा रहा है।

(एएनआई इनपुट के साथ)

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