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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 24, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Explainer: बंद होने की कगार पर दिग्गज कोचिंग सेंटर्स, भारत में EdTech पर क्यों कम हो रहा स्टूडेंट्स का भरोसा?

Published: Fri, 24 Jan 2025 05:12 PM (IST)

Coaching centers in India कोरोनाकाल के दौरान बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई करने की मजबूरी का लाभ कोचिंग सेंटर्स को काफी ...और पढ़ें

Coaching centers in India भारत में फेल हो रहे कोचिंग संस्थान।
Coaching centers in India भारत में फेल हो रहे कोचिंग संस्थान।

HighLights

  1. कोरोनाकाल के दौरान बच्चों में बढ़ा था ऑनलाइन पढ़ाई का क्रेज।
  2. अब एडटेक सिस्टम आखिर फेल क्यों हो रहा है, आइए जानते हैं।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। Coaching centers in India देश में एक समय ऐसा था, जब कोचिंग सेंटर्स की तूती बोलती थी। ऑफलाइन हो या ऑनलाइन हर कोचिंग सेंटर अच्छे से फल-फूल रहा था। भारत का दुनिया में उच्च शिक्षा संस्थानों का सबसे बड़े नेटवर्क है, जिसके चलते इन सेंटर्स की वैश्विक स्तर तक पहुंच हो गई है।

कोरोनाकाल में बढ़ा क्रेज

कोरोनाकाल और लॉकडाउन के दौरान बच्चों की क्लासेस ऑनलाइन करने के लिए मजबूर होना पड़ा। लोगों का मानना था कि इससे भारत में शिक्षा हमेशा के लिए बदल जाएगी, बाधाएं खत्म हो जाएंगी और हर किसी के लिए एक क्लिक पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुलभ हो जाएगी। 

बड़े-बड़े प्रोफेसरों ने भी अपने कोर्स ऑनलाइन शुरू कर दिए, कई बड़े इंस्टीट्यूट की क्लासेस ऑनलाइन होने लगी। इससे छात्रों ने भी अपनी सुविधानुसार सीखना शुरू कर दिया।

हालांकि, दो-चार सालों से तेजी से बढ़ता एडटेक सिस्टम अब तेजी से पतन की ओर बढ़ रहा है। भारत में एडटेक सिस्टम आखिर फेल क्यों हो रहा है, आइए जानते हैं। 

ऑनलाइन एडटेक क्यों नहीं फल-फूल रहा है?

कई सालों तक ऑनलाइन शिक्षा के बाद, अब कई माता-पिता अपने बच्चों को फिर से ऑफलाइन कक्षाओं में भेज रहे हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, इस कमी का सबसे बड़ा कारण बच्चों में प्रेरणा की कमी है।

ऑनलाइन पढ़ाई में सीरियस नहीं होते बच्चे

उडेमी और बायजूस जैसे कोचिंग संस्थान जो ऑनलाइन कोचिंग देते हैं, उसमें शिक्षक अपने लेक्चर्स रिकॉर्ड करते हैं या लाइव चर्चा के लिए समय निर्धारित करते हैं और छात्र इसमें शामिल होते हैं। लेकिन उडेमी की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अधिकांश छात्र केवल 30 प्रतिशत सामग्री ही पूरी करते हैं और बाकी छोड़ देते हैं। कुछ तो पाठ्यक्रम के लिए भुगतान भी करते हैं, लेकिन इसे कभी शुरू नहीं करते।

ऑनलाइन कोचिंग संस्थान को इस कारण नुकसान

ऑनलाइन शिक्षा प्रदान करने वाला Byjus गंभीर फंडिंग संकट का सामना कर रहा है। Byjus कोविड-19 महामारी के दौरान लोकप्रिय हुआ और 2022 में इसका वैल्यूएशन बढ़कर 22 बिलियन डॉलर हो गया। लेकिन तब से इसे बकाया राशि की मांगों और कुप्रबंधन के आरोपों का सामना करना पड़ रहा है। 

पिछले साल अमेरिकी ऋणदाताओं द्वारा कंपनी द्वारा उधार लिए गए 8300 करोड़ के दुरुपयोग की सुप्रीम कोर्ट में शिकायत के बाद कंपनी दिवालिया हो गई।

ऑफलाइन सेंटर्स का क्यों हो रहा पतन?

हाल ही में वित्तीय संकट और सुरक्षा मुद्दों के चलते ऑफलाइन सेंटर्स का पतन हुआ है।

FIITJEE सेंटर हुआ बंद

  • FIITJEE (फोरम फॉर इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी-ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन) संस्थान वित्तीय संकट और लाइसेंसिंग और अग्नि सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के चलते फंसा है। FIITJEE की कई ब्रांच बंद हो चुकी है, इसका कारण प्रशासनिक कार्रवाई है।
  • सप्ताह भर में उत्तर भारत में आठ FIITJEE कोचिंग सेंटर अचानक बंद हो गए, जिससे बोर्ड और प्रवेश परीक्षाओं से पहले सैकड़ों छात्र और अभिभावक नाराज हो गए।
  • कई पेरेंट्स ने तो संस्थान के खिलाफ पुलिस में भी शिकायत कर दी। पेरेंट्स का कहना है कि सेंटर उनकी फीस वापस नहीं कर रहा, जो बंद हो चुके हैं।
  • दरअसल, संस्थान के कई शिक्षकों द्वारा वेतन न मिलने के कारण सामूहिक रूप से नौकरी छोड़ने के बाद ये सेंटर बंद करने पड़े। 

ये भी हैं ऑफलाइन सेंटर्स के बंद होने का कारण 

  • कोचिंग संस्थाओं के बंद होने का एक कारण उसकी खराब सुरक्षा व्यवस्था भी है। इसके कई उदाहरण भी है।
  • 2023 में दिल्ली के मुखर्जी नगर में एक कोचिंग संस्थान में भीषण आग लग गई थी, जिसमें 60 से अधिक छात्र घायल हो गए थे। 
  • पिछले साल ओल्ड राजिंदर नगर में राव आईएएस स्टडी सेंटर के एक इमारत के बेसमेंट में अचानक बारिश का पानी भरने से सिविल सेवा के तीन उम्मीदवारों की जान चली गई थी। 
  • इसके बाद दिल्ली सरकार ने राजधानी में कोचिंग सेंटरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी। घटना के बाद 20 से ज्यादा सेंटर जिन्होंने सुरक्षा मानदंडों का उल्लंघन किया था उन्हें सील कर दिया गया। 

कोचिंग सेंटर्स में आग लगने और ऐसी दुर्घटनाओं के कारण ही ये फ्लॉप हो रहे हैं।