रायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) बारहवीं बोर्ड परीक्षा 2016 के परिणाम घोषित हो गए हैं। बिलासपुर के शुभम बक्षी ने परीक्षा में टॉप किया हैं, उन्हें 97.60 फीसदी अंक मिले। इस बार परीक्षा में 73.73 फीसदी छात्र-छात्राएं उत्तीर्ण हुए हैं, पिछले साल यह आंकड़ा 73.35 फीसदी था। स्कूल शिक्षा मंत्री केदार कश्यप और माशिमं के अध्यक्ष केडीपी राव ने मंडल के सभागार में इन्हें जारी किया। इस साल बारहवीं में राज्य के 2 लाख 79 हजार 906 परीक्षार्थी शामिल हुए थे।

जागरण जोश डॉट कॉम पर सबसे तेज नतीजे देखे जा सकते है। वहीं सीजीबीएसई डॉट नेट पर भी रिजल्ट देखा जा सकता हैं। इसके अलावा रिजल्ट की जानकारी छात्रों द्वारा परीक्षा फार्म में भरे गए मोबाइल नंबर पर एसएमएस से भी मिल सकेगी।

जाने अपना रिजल्ट : www.jagranjosh.com/results

12वीं बोर्ड मैरिट लिस्ट

1 - शुभम बक्षी, 97.60%, सरस्वती शिशु मंदिर राजकिशोर नगर, बिलासपुर

2 - सुधांशु तिवारी, 97%, कैरियर पाइंट वर्ल्ड स्कूल, बिलासपुर

2- रनती देव राठौर, 97%, सरस्वती शिशु मंदिर, नैला जांजगीर

3 - श्रेया शुक्ला, 95.80% , जेआर दानी शासकीय उमा विद्यालय, रायपुर

3 - आयुष पांडे, 95.80 %, सरस्वती उमा विद्यायल सीएसईबी, कोरबा

3 - गौरव देवांग, 95.80 %, शास कीय उमा विद्यायल अढ़वाल, बस्तर

4 - श्रृति गुप्ता, 95.40 %, श्री महावीर जैन उमा विद्यालय, दुर्ग

4 - श्रद्धा आनंद, 95.40 %, एमएलबी विद्यापीठ, भिलाई दुर्ग

4 - समिथा गुप्ता, 95.40 %, शकुंतला विद्यालय, भिलाई

5 - खेहरीओम देवांगन, 95.20 %, प्रियदर्शनी पब्लिक स्कूल, अर्जुंडा

5 - प्रगति अग्रवाल, 95.20 %, श्री महावीर जैन उमा विद्यायल, दुर्ग

रिजल्ट आते ही मंडल सुनेगा समस्या, मेधावी को मिलेगी छात्रवृत्ति की जानकारी

बारहवीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम को लेकर छात्रों की कोई भी समस्या सुलझानेक के लिए माध्यमिक शिक्षा मंडल की टोल फ्री नंबर 18002334386 जारी किया है। कॉल सेंटर में मनोवैज्ञानिक और संबंधित विषयों के विशेषज्ञ उपस्थित हैं। जो निराश को दूर कर उज्जवल भविष्य की ओर ले जाने के लिए टिप्स देंगे। वहीं माशिमं द्वारा इस वर्ष नेट से निकाले जाने वाले रिजल्ट की कॉपी में छात्रवृत्ति से संबंधित जानकारी भी प्राप्त हुई। माशिमं के इस तरह की सुविधा देने से सभी छात्रों को राहत मिली है।

पालक बच्चे के परिणाम से खुश रहें : मनोचिकित्सक

नईदुनिया से बातचीत करते हुए अंबेडकर अस्पताल के मनोरोग विभाग के एचओडी डॉ. मनोज साहू ने बताया कि पालक अपने बच्चे के रिजल्ट को सकारात्मक तरीके से स्वीकार करें। अन्य बच्चों के साथ रिजल्ट की तुलना बिल्कुल न करें।

स्वाभाविक है कि हर पालक बच्चे से उम्मीद लगाए रहता है लेकिन उम्मीद के अनुरूप परिणाम नहीं आए है तो पालक अपने स्वाभाव में नकारात्मक सोच न लाएं। इससे वह स्वयं अपने आप का आंकलन करेगा। हो सकता है यह दुख भरा पल उसमें अपनी मां-बाप के उम्मीदों को साकार करने के लिए ताकत और नई जोश भर दें।

साभारः नई दुनिया

Posted By: anand raj

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