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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 29, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

लड्डू विवाद के बीच तिरुमाला मंदिर पहुंचे CJI चंद्रचूड़, परिवार के साथ की पूजा अर्चना

By Agency Edited By: Sachin Pandey
Published: Sun, 29 Sep 2024 11:30 PM (IST)

CJI DY Chandrachud Visit Tirumala आंध्र प्रदेश के तिरुपति मंदिर में प्रसाद में मिलावट के कथित आरोपों पर चल रहे ...और पढ़ें

सीजेआई ने अपने परिवार के साथ तिरुमाला स्थित श्री वेंकटेश्वर मंदिर में पूजा अर्चना की। (Photo- X/@TTDevasthanams)
सीजेआई ने अपने परिवार के साथ तिरुमाला स्थित श्री वेंकटेश्वर मंदिर में पूजा अर्चना की। (Photo- X/@TTDevasthanams)

HighLights

  1. सीजेआई चंद्रचूड़ ने तिरुमाला मंदिर में पूजा-अर्चना की।
  2. तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम के अधिकारी ने चीफ जस्टिस को भेंट किया प्रसादम।

आईएएनएस, तिरुपति। तिरुमाला स्थित श्री वेंकटेश्वर मंदिर के प्रसाद को लेकर चल रहे विवाद के बीच भारत के मुख्य न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ रविवार को यहां पहुंचे और पूजा अर्चना की। समाचार एजेंसी आईएएनएस ने तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के हवाले से बताया कि न्यायाधीश चंद्रचूड़, उनकी पत्नी कल्पना दास और परिवार के अन्य सदस्यों ने वैकुंठ कतार परिसर से मंदिर में प्रवेश किया और गर्भगृह में पूजा-अर्चना की।

यह मंदिर बालाजी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। दर्शन के बाद वैदिक पंडितों ने रंगनायकुला मंडपम में भारत के मुख्य न्यायाधीश और उनके परिवार को वेदसर्वचनम अर्पित किया। टीटीडी की कार्यकारी अधिकारी जे. श्यामला राव ने सीजेआई को श्रीवारी की लेमिनेशन फोटो और तीर्थ प्रसादम भेंट किया।

प्रसाद को लेकर चल रहा है विवाद

इससे पहले टीटीडी के कार्यकारी अधिकारी और अतिरिक्त कार्यकारी अधिकारी वेंकैया चौधरी ने वैकुंठ कतार परिसर में न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ का स्वागत किया। गौरतलब है कि मुख्य न्यायाधीश का दौरा मंदिर के लड्डू प्रसादम बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले घी में पशु वसा की कथित मौजूदगी को लेकर चल रहे विवाद के बीच हुआ है।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने 18 सितंबर को आरोप लगाया था कि वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के शासन के दौरान लड्डू बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले घी में पशु वसा थी। मुख्यमंत्री ने पहले ही पुलिस उप महानिरीक्षक की अध्यक्षता में विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा आरोपों की जांच के आदेश दे दिए हैं।