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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 23, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के लिए 'न्यूट्रल साइटेशन' की घोषणा की

By Jagran NewsEdited By: Shalini Kumari
Published: Thu, 23 Feb 2023 03:15 PM (GMT+05:30)

भारत के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने सु्प्रीम कोर्ट के सभी फैसलों के लिए न्यूट्रल साइटेशन लॉन्च करने की ...और पढ़ें

सुप्रीम कोर्ट के सभी फैसलों के लिए 'न्यूट्रल साइटेशन' की घोषणा की
सुप्रीम कोर्ट के सभी फैसलों के लिए 'न्यूट्रल साइटेशन' की घोषणा की

नई दिल्ली, पीटीआई। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) डी वाई चंद्रचूड़ ने गुरुवार को घोषणा की कि सुप्रीम कोर्ट के सभी निर्णयों में 'न्यूट्रल साइटेशन' होंगे। सर्वोच्च अदालत ने पहले कहा था कि शीर्ष अदालत में फैसलों की पहचान करने और उनका हवाला देने के लिए एक समान, विश्वसनीय और सुरक्षित कार्यप्रणाली की शुरूआत और कार्यान्वयन के लिए कदम उठाए गए हैं यानी शीर्ष अदालत के फैसले एक समान पैटर्न सुनिश्चित करने के लिए 'तटस्थ उद्धरण प्रणाली' की शुरुआत की है।

30 हजार फैसलों में होगा तटस्थ उद्धरण

डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ गुरुवार को तत्काल लिस्टिंग के लिए मामलों का उल्लेख सुनने के लिए इकट्ठा हुई थी, उसी दौरान न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने इस बात की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि हमने तटस्थ उद्धरण यानी 'न्यूट्रल साइटेशन' लॉन्च किए हैं। इस अदालत के सभी निर्णयों में तटस्थ उद्धरण होंगे। शीर्ष अदालत के लगभग 30,000 फैसलों में तटस्थ उद्धरण होंगे। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि उच्च न्यायालय भी इसका पालन करेंगे।

कई फैसलों का अनुवाद करना होता है कठिन

न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा कि सर्वोच्च अदालत मशीन लर्निंग टूल्स का भी इस्तेमाल कर रही है, जो उसके फैसलों को अंग्रेजी से भारतीय भाषाओं में अनुवादित करेगा। सीजेआई ने कहा, "अब तक, 2,900 फैसलों का हिंदी में अनुवाद किया जा चुका है।" उन्होंने कहा कि कभी-कभी प्रौद्योगिकी का उपयोग करके अनुवाद करना कठिन हो सकता है। एक उदाहरण का हवाला देते हुए, उन्होंने कहा कि अगर शीर्ष अदालत में न्यायाधीश "लीव ग्रांट" कहते हैं, तो इसका हिंदी में शाब्दिक रूप से 'अवकाश प्राप्त हो गया' के रूप में अनुवाद किया जा सकता है।

नई टीम का होगा गठन

सीजेआई ने कहा कि निर्णयों के अनुवादित संस्करणों की जांच करने की प्रक्रिया में सहायता करने के लिए जिला न्यायाधीशों और कानून शोधकर्ताओं की एक टीम है। सीजेआई ने इलेक्ट्रॉनिक सुप्रीम कोर्ट रिपोर्ट्स (e-SCR) परियोजना के बारे में भी बात की, जिसका उद्देश्य वकीलों, लॉ के छात्रों और आम जनता को लगभग 34,000 निर्णयों तक मुफ्त पहुंच प्रदान करना है।

फैसलों के डिजिटल संस्करण का प्रोजेक्ट

इस साल 2 जनवरी को न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने ई-एससीआर परियोजना शुरू करने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि शीर्ष अदालत तटस्थ उद्धरण (न्यूट्रल साइटेशन) भी पेश करेगी। साथ ही, उन्होंने बताया था कि दिल्ली और केरल उच्च न्यायालयों में यह पहले से ही जारी है। सीजेआई ने कहा था कि तटस्थ उद्धरणों की प्रक्रिया पर काम करने के लिए उच्च न्यायालयों के तीन न्यायाधीशों वाली एक समिति गठित की गई है।

कई बार ऐसा देखा गया है कि वकील, अदालतों में बहस करते समय 'सुप्रीम कोर्ट रिपोर्ट्स' सहित कई कानून पत्रिकाओं का हवाला देते हुए अपने मामलों का समर्थन करते हैं। ई-एससीआर प्रोजेक्ट शीर्ष अदालत के निर्णयों के डिजिटल संस्करण को उस तरीके से प्रदान करने की एक पहल है।

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