Chhattisgarh Elephant Death: रायगढ़ में फिर एक हाथी मिला मृत,नहीं थम रहा मौत का सिलसिला
छत्तीसगढ़ में हाथियों के मरने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। पिछले लगभग दो सप्ताह में पांच हाथियों की मौत के बाद गुरुवार की सुबह एक और हाथी की मौत की खबर आई।
रायगढ़, जेएनएन। छत्तीसगढ़ में हाथियों के मरने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। पिछले लगभग दो सप्ताह में पांच हाथियों की मौत के बाद गुरुवार की सुबह एक और हाथी की मौत की खबर आई। दैनिक जागरण के सहयोगी प्रकाशन नई दुनिया के अनुसार रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ डिवीजन की छाल रेंज में, बेहरमार में एक मरा हुआ हाथी मिला है। संभावना जताई जा रही है कि यह मृत हाथी गणेश नाम का हिंसक हाथी है। वह पिछले दो साल में करीब 18 लोगों को कोरबा व रायगढ़ में मौत के घाट उतार चुका था।
मृतक हाथी को लेकर धरमजयगढ़ डीएफओ ने बताया कि हाथी की मौत किन कारणों से हुई, इसका पता पोस्टमार्टम के बाद ही चलेगा और प्रारंभिक जांच में उसके शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं मिले हैं। मृतक हाथी हिंसक गणेश ही है या नहीं अभी ये भी बताना जल्दबाजी होगी। फिलहाल टीम मौके पर जांच कर रही है। हाथी का कॉलर आईडी गिर गया था। वन विभाग की टीम उसे फिर से ट्रेंकुलाइज कर रेडियो कॉलर आईडी पहनाने के लिए तलाश रही थी, लेकिन उसका पता नहीं चल रहा था।
गणेश के गले से रेडियो कॉलर आईडी गिर गया था
नई दुनिया के अनुसार ग्रामीण सूत्रों ने बताया कि मृत मिला हाथी संभवतः गणेश है। उसके गले से कुछ महीने पहले ही से रेडियो कॉलर आईडी गिर गया था। फिर से गणेश का पता लगाने की वन विभाग ने तमाम कोशिश की, लेकिन उसकी पहचान नहीं हो पा रही थी। हालांकि, अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
हाथियों को क्यों दिए जाते हैं नाम
नई दुनिया के अनुसार राज्य के वन विभाग ने हिंसक हाथियों को नियंत्रित करने के लिए उनके शरीर पर ट्रैकर लगाए हैं। साथ ही इन्हें नाम भी दिया गया है। हिंसक हाथियों को नियंत्रित के लिए वन विभाग द्वारा कर्नाटक से प्रशिक्षित कुमकी हाथियों को बुलाया गया है। इनको भी नाम दिए गए हैं, ताकि सभी हाथियों की अलग पहचान हो सके।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।