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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 27, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सभी देशवासियों के संयुक्त प्रयास से Chandrayaan-3 को मिली बड़ी सफलता, मन की बात में बोले प्रधानमंत्री मोदी

By Jagran NewsEdited By: Babli Kumari
Published: Sun, 27 Aug 2023 01:18 PM (IST)

Mann ki Baat प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात में आज देशवासियों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने चंद्रयान-3 की ...और पढ़ें

मन की बात में चंद्रयान-3 पर बोले प्रधानमंत्री मोदी (फाइल फोटो)
मन की बात में चंद्रयान-3 पर बोले प्रधानमंत्री मोदी (फाइल फोटो)

HighLights

  1. पीएम मोदी ने मन की बात में चंद्रयान-3 की सफलता का किया जिक्र
  2. मिशन चंद्रयान नए भारत का प्रतीक
  3. इस सफलता में वैज्ञानिकों के साथ-साथ अन्य दूसरे सेक्टर्स की भी रही अहम भूमिका

नई दिल्ली, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम के जरिए देशवासियों से आज संवाद किया। पीएम मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण बातों का जिक्र किया। मन की बात कार्यक्रम हर महीने के आखिरी रविवार को प्रसारित होता है। आज मन की बात कार्यक्रम का 104वां एपिसोड है। प्रधानमंत्री ने चंद्रयान-3 की सफलता को देश की सबसे बड़ी उपलब्धि बताई। 

प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को अपने मासिक पॉडकास्ट 'मन की बात' में कहा, "हम इतनी ऊंची उड़ान इसलिए भर पाए हैं क्योंकि आज, हमारे सपने और हमारे प्रयास, दोनों बड़े हैं।" पीएम ने कहा कि चंद्रयान-3 मिशन की सफलता में वैज्ञानिकों के साथ-साथ अन्य दूसरे सेक्टर्स की भी अहम भूमिका रही है।

पीएम मोदी चंद्रयान-3 की सफलता को लेकर कहा कि चंद्रयान की सफलता बहुत बड़ी है। हर ओर इसकी चर्चा हो रही है। देश से लेकर विदेशों तक भारत के इस उपलब्धि की बात हो रही है। 

सभी के द्वारा किए गए प्रयास से मिली यह सफलता- पीएम मोदी 

पीएम मोदी ने कहा, "तकनीकी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कई देशवासियों ने योगदान दिया है। जब सभी के द्वारा मिल के प्रयास किए गए, तो यह सफलता मिली है। यह चंद्रयान-3 की सबसे बड़ी उपलब्धि है।"

भारत के अंतरिक्ष यान ने योजना के अनुसार बुधवार शाम को चंद्रमा की सतह पर सफलतापूर्वक सॉफ्ट लैंडिंग की और यह उपलब्धि हासिल करने वाला दुनिया का चौथा देश बन गया।

चंद्रयान-3 चालीस दिनों से अधिक समय तक लगभग 3.84 लाख किमी की यात्रा करने के बाद यह चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र को 23 अगस्त को छूकर इतिहास रचा।