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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 14, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Chandrayaan-3: बधाई हो भारत! बस इतना ही बोल सके मिशन निदेशक, ISRO चीफ ने पीठ पर रखा हाथ; भावुक कर देगा Video

By Piyush KumarEdited By: Piyush Kumar
Published: Fri, 14 Jul 2023 05:51 PM (IST)Updated: Fri, 14 Jul 2023 05:59 PM (IST)

Chandrayaan 3 Mission चंद्रयान-3 के सफल प्रक्षेपण के साथ ही सतीश धवन स्पेस सेंटर में मौजूद वैज्ञानिकों ने एक दूसरे ...और पढ़ें

चंद्रयान 3 मिशन की सफलतापूर्वक लॉन्चिंग के बाद खुशी से झूम उठे इसरो वैज्ञानिक।(फोटो सोर्स: जागरण)
चंद्रयान 3 मिशन की सफलतापूर्वक लॉन्चिंग के बाद खुशी से झूम उठे इसरो वैज्ञानिक।(फोटो सोर्स: जागरण)

HighLights

  1. श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से चंद्रयान-3 (Chandrayaan-3 Launch) को किया गया लॉन्च
  2. चंद्रयान-3 ने अपनी सटीक कक्षा में चंद्रमा की ओर अपनी यात्रा शुरू कर दी है: मोहन कुमार
  3. 23 अगस्त शाम 5 बजकर 47 मिनट पर चंद्रमा की सतह पर चंद्रयान 3 की हो सकती है लैंडिंग

नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। इसरो (ISRO) ने एक बार अपना लोहा दुनिया में मनवा लिया। शुक्रवार (14 जुलाई) को भारत ने अंतरिक्ष क्षेत्र में एक और मील का पत्थर छू लिया है। खनिज, पानी आदि की तलाश में चंद्रयान 3, चांद की ओर बढ़ चला है।

चंद्रयान -3 की लॉन्चिंग का पहला उद्देश्य चंद्रमा की सतह पर सुरक्षित और सॉफ्ट लैंडिंग करना है। चांद पर सटीक लैंडिंग हासिल कर भारत अपनी तकनीकी क्षमताओं को प्रदर्शित करेगा। सबकुछ सही रहा तो 23 अगस्त शाम 5 बजकर 47 मिनट पर चंद्रमा की सतह पर चंद्रयान 3 लैंड होगी।

लॉन्चिंग के बाद घटी एक दिलचस्प घटना 

भारत के सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिकों ने इस मिशन के लिए दिन-रात कड़ी मेहनत की है। कहा जाता है कि वैज्ञानिकों के पास हर सवाल का जवाब होता है। वहीं, उनका दिमाग विकट परिस्थियों में भी संतुलित और संयमित रहता है। हालांकि, वैज्ञानिक भी एक इंसान ही होते हैं। 

दरअसल, चंद्रयान 3 मिशन की सफलतापूर्वक लॉन्चिंग के बाद इस मिशन के डायरेक्टर मोहन कुमार अपनी खुशियां बयां करने में थोड़े असमर्थ दिखे। बता दें कि इस ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनने के लिए श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर में इसरो के पूर्व अध्यक्ष और अंतरिक्ष वैज्ञानिक के सिवन के अलावा कई वैज्ञानिक मौजूद थे।

जब अपनी बात कहने में असमर्थ दिखे मिशन डायरेक्टर

एक तरफ जहां सभी लोगों की निगाहें चंद्रयान 3 की लॉन्चिंग पर टिकी थी। वहीं, दूसरी ओर इस प्रोजेक्ट के डायरेक्टर मोहन कुमार, व्हीकल डायरेक्टर बीजू. सी. थॉमस और इसरो के अध्यक्ष एस.सोमनाथ लगातार मिशन से जुड़ी हर गतिविधि पर नजर रख रहे थे।

चंद्रयान-3 के सफल प्रक्षेपण के साथ ही सतीश धवन स्पेस सेंटर में मौजूद वैज्ञानिकों ने एक दूसरे को गले लगाकर बधाई दी। वहीं, सफल प्रक्षेपण के बाद इसरो के अध्यक्ष एस.सोमनाथ के साथ चंद्रयान 3 मिशन के डायरेक्टर मोहन कुमार अपनी बात रखने के लिए मंच पर आए। मोहन कुमार के मन में कई विचार उमड़ रहे थे।

बधाई हो भारत: मिशन डायरेक्टर 

उन्होंने मिशन को लेकर उन्होंने अपनी बात साझा करने की कोशिश की। उन्होंने सबसे पहले कहा,"बधाई हो भारत।"

इसके बाद उन्होंने कहा कि चंद्रयान-3 ने अपनी सटीक कक्षा में चंद्रमा की ओर अपनी यात्रा शुरू कर दी है।

हालांकि, वो अपनी खुशी शब्दों को बयां न कर सके। ये दृश्य देखकर सेंटर में मौजूद सभी वैज्ञानिक और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह भी हंसने लगे। इसके बाद उनके पीछे खड़े इसरो के अध्यक्ष एस.सोमनाथ ने कहा कि अभी आगे की जानकारी आपको बाद में बताएंगे।

ये दृश्य बयां करती है कि ये मिशन इसरो के वैज्ञानिकों के लिए कितना महत्वपूर्ण है।

चंद्रयान 3 की लॉन्चिंग के बाद ISRO प्रमुख एस सोमनाथ ने कहा कि हमने पहले साल में देखा कि पहले क्या गलती की थी और उसके बाद दूसरे साल में क्या सुधार किया जाए कि ये बेहतर हो। फिर हमने देखा कि और क्या गलती हुई थी क्योंकि कुछ समस्याएं छिपी होती है, जो हमने समीक्षा और टेस्ट द्वारा पता लगाया।

उन्होंने आगे कहा तीसरे साल हमने सभी टेस्टिंग की और अंतिम साल में हमने अंतिम संयोजन और तैयारी की। मैं इस कार्य के लिए पूरी टीम को बधाई देता हूं।

कितना है चंद्रयान 3 का वजन?

चंद्रयान-3 एक लैंडर, एक रोवर और एक प्रोपल्शन मॉड्यूल से लैस है। इसका वजन करीब 3,900 किलोग्राम है।